N Chandrasekaran फरवरी 2027 में छोड़ेंगे Tata Sons चेयरमैन पद, पुनर्नियुक्ति से इनकार

Prabhasakshi Image
Prabhasakshi

टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने 20 फरवरी 2027 को अपना वर्तमान कार्यकाल समाप्त होने के बाद पुनर्नियुक्ति की दौड़ से खुद को अलग कर लिया है। उन्होंने कंपनी के निदेशक मंडल से नेतृत्व का सुचारू हस्तांतरण सुनिश्चित करने के लिए जल्द नया उत्तराधिकारी चुनने का आग्रह किया है। सर्वसम्मत समर्थन न मिलने के कारण उन्होंने यह कदम उठाया है।

(फाइल फोटो के साथ) नयी दिल्ली, 12 अगस्त टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने बुधवार को कहा कि वह 20 फरवरी 2027 को अपना मौजूदा कार्यकाल खत्म होने के बाद पुनर्नियुक्ति नहीं मांगेंगे। चंद्रशेखरन के इस बयान से टाटा समूह की मूल कंपनी के नेतृत्व को लेकर पिछले कई महीनों से जारी अनिश्चितता खत्म हो गई है। एन. चंद्रशेखरन ने कहा कि टाटा संस के बहुलांश शेयरधारक सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट ने सर्वसम्मति से उनका कार्यकाल पांच साल बढ़ाने की सिफारिश की थी।

इसके बाद टाटा संस की नामांकन एवं पारिश्रमिक समिति और निदेशक मंडल ने भी इस प्रस्ताव को दर्ज किया और इसकी सिफारिश की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव 24 फरवरी को टाटा संस के निदेशक मंडल की बैठक में रखा गया लेकिन एक निदेशक के समर्थन नहीं करने के कारण इसे आगे नहीं बढ़ाया जा सका। चंद्रशेखरन ने बयान में कहा, ‘‘सर्वसम्मत समर्थन नहीं मिलने के कारण मैंने इस फैसले को टालने का विकल्प चुना।’’ उन्होंने कहा कि निदेशक मंडल की उस बैठक के छह महीने बाद भी इस मामले में कोई फैसला नहीं हो पाया है।

नेतृत्व को लेकर स्पष्टता आवश्यक है क्योंकि टाटा संस कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम कर रही है, जो अहम चरण में हैं। चेयरमैन ने कहा, ‘‘इन परिस्थितियों में मैंने आज टाटा संस के निदेशक मंडल को सूचित किया कि मैंने 20 फरवरी, 2027 को अपना कार्यकाल समाप्त होने के बाद पुनर्नियुक्ति के लिए अपना नाम आगे नहीं रखने का फैसला किया है।’’ उन्होंने निदेशक मंडल से अपने उत्तराधिकारी पर जल्द फैसला करने को कहा, ताकि नेतृत्व का सुचारू हस्तांतरण सुनिश्चित किया जा सके। टाटा समूह में 40 साल बिता चुके चंद्रशेखरन 2017 में टाटा संस के चेयरमैन बने थे।

इससे पहले वह टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) थे। यह घटनाक्रम टाटा संस और टाटा ट्रस्ट के बीच चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति को लेकर मतभेद की खबरों के बीच सामने आया है। टाटा संस टाटा समूह की प्रमुख (होल्डिंग) कंपनी है।

इसमें बहुलांश हिस्सेदारी टाटा ट्रस्ट की है और यह टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टाटा मोटर्स और एयर इंडिया समेत समूह की 30 से अधिक कंपनियों को नियंत्रित करती है।

All the updates here:

अन्य न्यूज़