डोमिनिका की अदालत ने भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी को भारत भेजने पर रोक लगाई

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मई 28, 2021   11:34
डोमिनिका की अदालत ने भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी को भारत भेजने पर रोक लगाई

डोमिनिका की एक अदालत ने भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी को अगले आदेश तक कैरिबियाई द्वीपीय देश से कहीं और भेजने पर रोक लगा दी है। स्थानीय मीडिया में आई खबरों में यह बताया गया। चोकसी को डोमिनिका में ‘‘अवैध रूप से प्रवेश’’ करने पर हिरासत में लिया गया था।

नयी दिल्ली। डोमिनिका की एक अदालत ने भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी को अगले आदेश तक कैरिबियाई द्वीपीय देश से कहीं और भेजने पर रोक लगा दी है। स्थानीय मीडिया में आई खबरों में यह बताया गया। चोकसी को डोमिनिका में ‘‘अवैध रूप से प्रवेश’’ करने पर हिरासत में लिया गया था। अदालत ने चोकसी के वकीलों की ओर से दायर याचिका पर यह आदेश दिया है। चोकसी के वकील विजय अग्रवाल ने पीटीआई-को बताया, ‘‘विधिक दल ने डोमिनिका की अदालत में मेहुल चोकसी के लिए बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की है। यह भी बताया गया कि मेहुल चोकसी तक पहुंच नहीं दी जा रही है तथा कानूनी सहायता के संवैधानिक अधिकार से भी वंचित किया जा रहा है।’’

इसे भी पढ़ें: बुजुर्गों, दिव्यांगों को घरों के पास टीका लगाने के संबंध में सरकार ने दिशानिर्देश जारी किये

‘एंटीगुआ न्यूज रूम’ की खबर के अनुसार, डोमिनिका के ‘हाई कोर्ट ऑफ जस्टिस’ ने अधिकारियों द्वारा चोकसी को अगले आदेश तक कहीं भी और भेजने पर रोक लगा दी है। अदालत ने मामले पर सुनवाई के लिए अगली तारीख शुक्रवार (28 मई, स्थानीय समयानुसार सुबह नौ बजे) तय की। बृहस्पतिवार को अग्रवाल ने चोकसी के एंटीगुआ एंड बारबुडा से लापता होने और अवैध प्रवेश के लिए डोमिनिका में पकड़े जाने की घटना पर संदेह जताया था। डोमिनिका में चोकसी के वकील वायने मार्श ने एक रेडियो शो को बताया कि काफी प्रयासों के बाद जब चोकसी से संक्षिप्त मुलाकात हुई तो उसने बताया कि उसे एंटीगुआ में जॉली बंदरगाह में एक जहाज में ‘‘जबर्दस्ती’’ बैठाया गया और डोमिनिका लाया गया।

इसे भी पढ़ें: अबुधाबी में होगा पाकिस्तान सुपर लीग, PCB मुंबई से उड़ान भर सकेगा चार्टर्ड फ्लाइट

उसने कहा कि भारतीय और डोमिनिका के पुलिसकर्मियों की तरह दिखने वाले लोगों ने यह किया। मार्श ने कहा कि उन्होंने चोकसी के शरीर पर कुछ निशान देखे। उसकी आंखें भी सूजी हुई थी और उसे जान पर खतरा महसूस हो रहा था। उन्होंने कहा कि चोकसी एंटीगुआ एंड बारबुडा का नागरिक है, भारत का नहीं, अत: उसे वापस भेजा जाना चाहिए। अग्रवाल ने इस सारी घटना पर संदेह जताया है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि चोकसी को दूसरे देश ले जाने की रणनीति बनायी गयी ताकि उसे भारत भेजा जा सके। मुझे नहीं पता, कौन सी ताकतें काम कर रही हैं।’’ अग्रवाल ने बताया कि एंटीगुआ से ले जाने के बाद चोकसी को कहीं पर रखा गया था और सोमवार को उसे पुलिस थाने ले जाया गया। तब से वह वहीं पर हैं और दुनिया को यह खबर बुधवार को मिली। चोकसी पंजाब नेशनल बैंक में 13,500 करोड़ रुपये के कर्ज धोखाधड़ी मामले में वांछित है। चोकसी को आखिरी बार रविवार को एंटीगुआ एंड बारबुडा में अपनी कार में रात्रि भोजन के लिए जाते हुए देखा गया था। डोमिनिका सरकार ने बृहस्पतिवार को (स्थानीय समयानुसार) चोकसी की देश में मौजूदगी की पुष्टि की थी और बताया था कि उसे ‘अवैध प्रवेश’’ के कारण हिरासत में लिया गया है।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।

Prabhasakshi logoखबरें और भी हैं...

राष्ट्रीय

झरोखे से...