किसान आंदोलन पर बोले योगेंद्र यादव, किसानों ने पहली बार बनाया किसान घोषणापत्र

अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के नेता योगेन्द्र यादव ने कहा है कि किसानों ने कृषि संकट के स्थायी समाधान के लिये पहली बार सरकार के समक्ष समस्या के समाधान का मसौदा पेश किया है।
नयी दिल्ली। अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के नेता योगेन्द्र यादव ने कहा है कि किसानों ने कृषि संकट के स्थायी समाधान के लिये पहली बार सरकार के समक्ष समस्या के समाधान का मसौदा पेश किया है। किसान चार्टर और किसान घोषणा पत्र के रूप में इस मसौदे को शुक्रवार को संसद मार्ग पर आयोजित किसान सभा में पेश किया जायेगा।
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किसान मुक्ति मार्च के दूसरे दिन रामलीला मैदान से संसद की तरफ बढ़ता जय किसान आंदोलन का विशाल का जुलूस।
सम्पूर्ण कर्ज़ मुक्ति और फसल के पूरे दाम की मांग को लेकर किसान दस्तक दे चुके हैं। अब सरकार की बारी है।#KisanMuktiMarch pic.twitter.com/0rEiCBBvea— Swaraj India (@_SwarajIndia) November 30, 2018
समिति द्वारा आयोजित किसान मुक्ति यात्रा के लिये देश भर से दिल्ली आये किसानों के संसद मार्च में हिस्सा ले रहे यादव ने कहा कि किसानों ने पहली बार कानून का मसौदा बना कर सरकार के समक्ष पेश किया है। किसानों को कर्ज से मुक्ति दिलाने और कृषि उपज की लागत का डेढ़ गुनी कीमत दिलाने से जुड़े प्रस्तावित दो विधेयक संसद में लंबित हैं। इन्हें पारित कराने के लिये किसानों ने सरकार से संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग को लेकर यह आंदोलन किया है।
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संसद मार्ग पर जुटा किसानों का विशाल हुजूम।#KisanMuktiMarch pic.twitter.com/RIxSjDXNvJ
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यादव ने कहा कि पहली बार किसानों ने भी अपनी समस्या के समाधान का तरीका खुद तैयार कर सरकार के समक्ष प्रस्तावित कानून के मसौदे के रूप में पेश किया है। उन्होंने कहा कि यह भी पहला अवसर है जब किसानों ने अपने झंडों को एक कर लिया है। इसलिये यह आंदोलन निर्णायक साबित होगा। किसान यात्रा में शामिल विरिष्ठ पत्रकार पी साईनाथ ने इस आंदोलन को निर्णायक बताते हुये कहा ‘‘इस बार मज़दूर और किसान अकेला नहीं है। डाक्टर, वकील, छात्र और पेशेवर पहली बार अपनी ड्यूटी छोड़कर किसानों के साथ आये हैं।’ उन्होंने कहा कि इस बार आंदोलनकारी दोनों प्रस्तावित विधेयकों को पारित करने की मांग से पीछे नहीं हटेंगे।
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