RSS पर टिप्पणी को लेकर विपक्ष ने किया राज्यपाल के संबोधन का बहिष्कार

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 25, 2019   14:46
RSS पर टिप्पणी को लेकर विपक्ष ने किया राज्यपाल के संबोधन का बहिष्कार

विधान परिषद में विपक्ष के नेता धनंजय मुंडे ने कहा कि उन्होंने संबोधन के बहिष्कार का फैसला इसलिए लिया है क्योंकि उन्हें संदेह है कि यह अभिभाषण राज्यपाल का होगा या आरएसएस के किसी व्यक्ति का।

मुंबई। महाराष्ट्र विधानमंडल के बजट सत्र की शुरुआत सोमवार को हंगामे के साथ साथ हुई जब विपक्षी दलों ने आरएसएस के संबंध में हालिया टिप्पणी को लेकर संयुक्त बैठक में राज्यपाल विद्यासागर राव के संबोधन का बहिष्कार कर दिया। इस महीने की शुरुआत में नागपुर में एक टिप्पणी में राव ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ को सबसे धर्मनिरपेक्ष और समावेशी संस्थाओं में से एक बताते हुए कहा था कि उसने हमेशा अपने धर्म का पालन करने के लोगों के अधिकारों का सम्मान किया है।

इसे भी पढ़ें: पुलवामा हमले पर मोहन भागवत ने कहा, दोषियों के खिलाफ हो कठोर कार्रवाई

टिप्पणी पर अप्रसन्नता जताते हुए विपक्ष के सदस्य केन्द्रीय सभागार में नहीं बैठे। बजट सत्र के आरंभ में इसी सभागार में विधानमंडल के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को राज्यपाल संबोधित करने वाले थे। विधान परिषद में विपक्ष के नेता धनंजय मुंडे ने कहा कि उन्होंने संबोधन के बहिष्कार का फैसला इसलिए लिया है क्योंकि उन्हें संदेह है कि यह अभिभाषण राज्यपाल का होगा या आरएसएस के किसी व्यक्ति का।

इसे भी पढ़ें: हिंदी भाषीय राज्यों की संस्थाओं से RSS के लोगों को हटाएगी कांग्रेस

उन्होंने कहा, ‘राज्यपाल का पद संवैधानिक होता है। हमें संदेह था कि उनका संबोधन राज्य के हित में होने वाला है या फिर आरएसएस के हित में। इसलिए हमने बहिष्कार करने का फैसला लिया।’ विधानसभा में राकांपा के नेता जयंत पाटिल ने सदन के बाहर संवाददाताओं से कहा कि विपक्ष ने आरएसएस के लिए राव के समर्थन का विरोध करने का फैसला लिया है।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।