उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने की घोषणा श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर होगा विधि महाविद्यालय

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने की घोषणा श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर होगा विधि महाविद्यालय

मंत्री यादव ने विधि महाविद्यालय का नाम डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विधि महाविद्यालय करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि कश्मीर में धारा 370 को लागू करके तत्कालीन सरकार ने जो गलती की थी उसका विरोध करते हुए डॉ. मुखर्जी का बलिदान हुआ था।

रीवा। मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने विधि महाविद्यालय के नव निर्मित भवन का लोकार्पण किया। इसकी कुल लागत 6 करोड़ 13 लाख रूपये है। इस अवसर पर मंत्री यादव ने कहा कि विधि महाविद्यालय में एलएलबी के पांच वर्षीय कोर्स नये शिक्षा सत्र से शुरू किये जायेंगे। स्ववित्तीय योजना से महाविद्यालय अन्य नये कोर्स भी शुरू कर सकता है। ठाकुर रणमत सिंह महाविद्यालय में भी रोजगार मूलक कोर्स शुरू करने की आवश्यकता है। रीवा का शिक्षा के क्षेत्र में सदैव सम्मानीय नाम रहा है। रीवा को पुन: उच्च शिक्षा का विकसित केन्द्र बनाया जायेगा।

 

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मंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नयी शिक्षा नीति लागू की है। मध्य प्रदेश में भी नई शिक्षा नीति शीघ्र लागू की जायेगी। इससे शिक्षा व्यवस्था में बहुत बड़ा परिवर्तन होगा। मंत्री यादव ने विधि महाविद्यालय का नाम डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विधि महाविद्यालय करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि कश्मीर में धारा 370 को लागू करके तत्कालीन सरकार ने जो गलती की थी उसका विरोध करते हुए डॉ. मुखर्जी का बलिदान हुआ था। प्रधानमंत्री मोदी ने कश्मीर में धारा 370 समाप्त करके नये युग का सूत्रपात किया है। उन्होंने कहा कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा अच्छे संस्कार देने वाली शिक्षा को बढ़ावा दिया जायेगा।

 

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समारोह की अध्यक्षता करते हुए सांसद जनार्दन मिश्र ने कहा कि रीवा में विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। पूर्व मंत्री राजेन्द्र शुक्ल के प्रयासों से रीवा ही नहीं पूरे संभाग को कई सौगातें मिली हैं। विधि महाविद्यालय का भवन उन्हीं में से एक सौगात है। रीवा का शिक्षा के क्षेत्र में हमेशा नाम रहा है। यहां के विद्यार्थियों ने सदैव गुरूओं का सम्मान किया। पी.के. सरकार जैसे तपस्वी प्रोफेसरों का हर विद्यार्थी सम्मान करता था। शिक्षा का स्तर ऊंचा करने के लिये गुरूओं और विद्यार्थी दोनों का स्तर ऊंचा करना होगा। तभी विधि महाविद्यालय से जे.एस. वर्मा और जी.पी. सिंह जैसे विद्यार्थी निकलेंगे।

 

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समारोह में पूर्व मंत्री एवं विधायक रीवा राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि रीवा ही नहीं पूरे विंध्य के ऊर्वर मस्तिष्क का लोहा हर कोई मानता है। राजनीति, शिक्षा और पत्रकारिता के क्षेत्र में रीवा के धुरंधरों की तूती बोलती रही है। रीवा के चहुंमुखी विकास के लिये लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। विंध्य क्षेत्र सीमेंट तथा ऊर्जा की आपूर्ति पूरे प्रदेश को कर रहा है। उन्होंने विधि महाविद्यालय का नाम डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के नाम पर करने का अनुरोध किया। समारोह में प्राचार्य विधि महाविद्यालय योगेन्द्र तिवारी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि रीवा में 1942 से विधि की शिक्षा दी जा रही है। यह प्रदेश का दूसरा विधि महाविद्यालय है। समारोह में विधायक सिरमौर दिव्यराज सिंह, भाजपा के जिला अध्यक्ष डॉ. अजय सिंह, प्रदेश मंत्री राजेश कुमार पाण्डेय, बार काउसिंल के पूर्व अध्यक्ष शिवेन्द्र उपाध्याय, अतिरिक्त संचालक शिक्षा पंकज श्रीवास्तव, विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्य तथा प्राध्यापक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। समारोह का शुभारंभ कन्या पूजन से किया गया।





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