Odisha Police ने cyber crime गैंग के 5 आरोपी पकड़े, 3.5 करोड़ का फर्जीवाड़ा उजागर

राउरकेला पुलिस ने उदित नगर थाने में दर्ज शिकायत पर कार्रवाई करते हुए ओडिशा और झारखंड से एक अंतर-राज्यीय ठगी गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह पीएम किसान योजना जैसी सरकारी योजनाओं के नाम पर फर्जी एपीके फाइलों के जरिए लोगों के मोबाइल और बैंकिंग विवरण चुराता था। पुलिस जांच में अब तक 3.5 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध लेनदेन का खुलासा हुआ है और आरोपियों के बैंक खातों में जमा 47 लाख रुपये फ्रीज कर दिए गए हैं।
ओडिशा पुलिस ने अंतर-राज्यीय साइबर अपराध गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, उदित नगर थाने में छह अगस्त को दर्ज शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सबसे पहले राउरकेला निवासी ज्योतिष प्रसाद वर्मा (29) उर्फ तिलक महतो को गिरफ्तार किया।
वह पहले मोमो बेचने का काम करता था। पुलिस ने बताया कि वर्मा लोगों को ठगने के बाद धोखाधड़ी से हासिल रकम को कथित तौर पर दूसरे खातों में स्थानांतरित करता था। वर्मा से पूछताछ के बाद पुलिस ने गिरोह के चार अन्य सदस्यों को झारखंड के देवघर से गिरफ्तार किया।
इनकी पहचान विकास कुमार मांझी (29), प्रदीप कुमार (24), सूरज कुमार (24) और मनीष कुमार यादव (25) के रूप में हुई है। राउरकेला के पुलिस अधीक्षक (एसपी) नितेश वाधवानी ने बताया कि गिरोह कथित तौर पर पीएम किसान योजना जैसी सरकारी योजनाओं के ऐप के रूप में दिखने वाली संदिग्ध ‘एपीके’ फाइलों का इस्तेमाल करता था। इनके जरिए आरोपी लोगों का भरोसा जीतकर उनके मोबाइल फोन और वित्तीय जानकारी तक पहुंच हासिल करते थे।
उन्होंने बताया कि आरोपी इस जानकारी का इस्तेमाल यूपीआई खातों, एटीएमसे पैसे निकालने संबंधी जानकारी और मर्चेंट क्यूआर कोड तक पहुंच बनाने के लिए करते थे। इसके बाद पीड़ितों के खातों से रकम स्थानांतरित कर ली जाती थी। पुलिस ने अब तक गिरोह से जुड़े 3.5 करोड़ रुपये से अधिक के लेन-देन का पता लगाया है।
एसपी ने बताया कि जांच आगे बढ़ने के साथ यह रकम और बढ़ सकती है। उन्होंने बताया कि आरोपियों के खिलाफ देशभर में कुल 31 शिकायतें और प्राथमिकी दर्ज हैं, जबकि उनके बैंक खातों में जमा 47 लाख रुपये की रकम ‘फ्रीज’ कर दी गई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 24,900 रुपये नकद, पांच मोबाइल फोन, पांच एटीएम कार्ड और एक एसयूवी (स्पोर्ट्स यूटिलिटी वाहन) भी बरामद की है।
वाधवानी ने कहा, ‘‘गिरोह के बाकी सदस्यों की पहचान, उनकी भूमिकाओं और पैसों के लेन-देन का पता लगाने, असली लाभार्थियों की पहचान करने तथा अपराध से हासिल बाकी रकम बरामद करने के लिए जांच जारी है।
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