चौरसिया के आने से कांग्रेस में बवाल, अरुण यादव ने साधा कमलनाथ पर निशाना

चौरसिया के आने से कांग्रेस में बवाल, अरुण यादव ने साधा कमलनाथ पर निशाना

वही दिग्विजय सिंह के भाई और कांग्रेस विधायक लक्ष्मण सिंह ने भी ट्वीट कर लिखा कि- गोडसे के उपासकों के लिए सेंट्रल जेल उपयुक्त स्थान है,कांग्रेस पार्टी नहीं। ग्रह मंत्रालय भी गोडसे समर्थकों की गतिविधियों पर नजर रखे तो उचित होगा।

भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस में हिंदू महासभा के नेता बाबूलाल चौरसिया के आने से पार्टी में बवाल खड़ा हो गया है। इसको लेकर कांग्रेस में खुलकर विरोध हो रहा है। पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने बाबूलाल को पार्टी में शामिल करने को लेकर कमलनाथ पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि - हम गोडसे नहीं गांधी की विचारधारा की पूजा करते हैं।

 

इसे भी पढ़ें: मध्य प्रदेश में रात्रि कर्फ्यू को लेकर गृहमंत्री का बड़ा बयान, महाराष्ट्र से सटे 12 जिलों के लिए अलर्ट जारी

हिंदू महासभा के नेता बाबूलाल चौरसिया के कांग्रेस में आने पर पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने विरोध जताया है। उन्होंने एक वीडियो और पत्र जारी करके कहा है कि कांग्रेस गांधीवादी विचारधारा की पार्टी है। इस देश की आजादी में गांधी की विचारधारा पर लड़ाई लड़ी और देश को आजाद कराया, जो कांग्रेस और देश का मूल मंत्र है। इसी विचारधारा ने देश में सरकारें बनाई और आगे भी यही विचारधारा चलने वाली है।

 

इसे भी पढ़ें: जीएसटी के खिलाफ कैट के भारत व्यापार बंद में मध्य प्रदेश भी शामिल

अरूण यादव ने कहा कि सत्य और अहिंसा का जो मार्ग गांधी ने अपनाया था, उसी में देश आगे चलेगा। यादव ने कहा है कि दो विचारधाराएं देश में काम करती हैं, एक गांधी और एक गोडसे की। हत्यारे गोडसे का मंदिर बनाना और उसकी पूजा करना,  उसे गांधी की विचारधारा से मेल मिलाप कराना मुझे उचित नहीं लगा और इसलिए मैंने अपने विचार रखे। यह सिर्फ मेरे नहीं बल्कि कांग्रेस के लाखों कार्यकर्ताओं के विचार भी हैं। उन्होंने आगे कहा कि - महात्मा गांधी की विचारधारा के हत्यारे के खिलाफ मैं चुप नहीं रहूंगा। मेरी आवाज कांग्रेस और गांधी विचारधारा को समर्पित एक सच्चे कांग्रेस कार्यकर्ता की आवाज है।

 

इसे भी पढ़ें: खजुराहो नृत्य समारोह का समापन आज, मणिपुरी-ओडिसी और भरतनाट्यम की होंगी प्रस्तुतियां

अरुण यादव ने सीधे-सीधे प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष कमलनाथ पर सवाल उठाए है। उन्होंने लिखा है कि अपनी ही सरकार में कमलनाथ ने इन्हीं बाबूलाल चौरसिया और उनके सहयोगियों का ग्वालियर में गोडसे का मंदिर बनाने और पूजा करने के विरोध में एफआईआर  दर्ज करने का निर्देश दिया था। वही दिग्विजय सिंह के भाई और कांग्रेस विधायक लक्ष्मण सिंह ने भी ट्वीट कर लिखा कि- गोडसे के उपासकों के लिए सेंट्रल जेल उपयुक्त स्थान है,कांग्रेस पार्टी नहीं। ग्रह मंत्रालय भी गोडसे समर्थकों की गतिविधियों पर नजर रखे तो उचित होगा।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।

Prabhasakshi logoखबरें और भी हैं...

राष्ट्रीय

झरोखे से...