शिवसेना, NCP और कांग्रेस का राज्यपाल को सौंपा गया बहुमत का पत्र ‘फर्जी’: भाजपा

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 25, 2019   16:05
शिवसेना, NCP और कांग्रेस का राज्यपाल को सौंपा गया बहुमत का पत्र ‘फर्जी’: भाजपा

पत्र पर शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे, राकांपा के राज्य प्रमुख जयंत पाटिल और कांग्रेस महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख बालासाहेब थोराट ने हस्ताक्षर किए थे।

मुंबई। भाजपा नेता आशीष शेलार ने सोमवार को शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस गठबंधन द्वारा महाराष्ट्र के राज्यपाल को सौंपे गए पत्र को ‘‘फर्जी’’ करार दिया, जिसमें दावा किया गया कि उनके पास राज्य में सरकार बनाने के लिए संख्या बल है। चुनाव के बाद तीनों दलों द्वारा बनाए गए महागठबंधन ‘महा विकास आघाडी’ ने आज सुबह राज्यपाल के कार्यालय को एक पत्र सौंपा, जिसमें कहा गया कि उसके पास बहुमत है, जबकि हाल ही में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले देवेंद्र फडणवीस के पास आवश्यक संख्या बल नहीं है।

इसे भी पढ़ें: पीएम मोदी का आरोप, कांग्रेस ने आर्टिकल 370 का मामला लटकाकर छोड़ा हुआ था

पत्र पर शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे, राकांपा के राज्य प्रमुख जयंत पाटिल और कांग्रेस महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख बालासाहेब थोराट ने हस्ताक्षर किए थे। शेलार ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह एक फर्जी पत्र है क्योंकि तकनीकी रूप से अजित पवार अभी भी राकांपा के विधायक दल के नेता हैं और उन्होंने भाजपा को समर्थन दिया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘राकांपा ने अभी भी अजित पवार को पार्टी के विधायक दल के नेता और पार्टी की सदस्यता से निलंबित नहीं किया है। इसलिए, अजित पवार अभी भी विधानसभा में राकांपा के नेता हैं।’’ शेलार ने कहा कि राकांपा ने जयंत पाटिल को अजित पवार की शक्तियां जरूर सौंप दी हैं, लेकिन पार्टी ने विधानसभा में नेता पद का चुनाव अभी तक नहीं किया है। 

इसे भी पढ़ें: संसदीय लोकतंत्र की सफलता विपक्ष की राय का सम्मान करने पर निर्भर है: ओम बिरला

भाजपा विधायक ने कहा, ‘‘उनकी शक्तियों को अभी तक राज्य के राज्यपाल द्वारा मान्य नहीं किया गया है। इसके अलावा, कांग्रेस ने भी सदन का नेता नहीं चुना है, इसलिए बालासाहेब थोराट के राज्य अध्यक्ष के रूप में हस्ताक्षर का कोई मतलब नहीं है।’’ गौरतलब है कि महाराष्ट्र के अप्रत्याशित राजनीतिक घटनाक्रम में राज्यपाल ने शनिवार की सुबह भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री और राकांपा नेता अजित पवार को उप मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलायी। इसके बाद से शिवसेना, कांग्रेस और राकांपा ने अपने-अपने विधायकों को मुंबई के अलग-अलग होटलों में ठहराया है। फडणवीस और अजित पवार के शपथ ग्रहण के बाद इन तीनों दलों ने उच्चतम न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया है, जिस पर शीर्ष अदालत मंगलवार को फैसला सुनाएगी।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।