विजयवर्गीय के बचाव में उतरे शिवराज बोले, मैं भी कह रहा हूं कि आंदोलन की आग लगेगी

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विजयवर्गीय के विवादास्पद बयान के सवाल पर शिवराज ने यहां संवाददाताओं से कहा, (इंदौर को) आग लगाने का कोई सवाल ही नहीं है..आंदोलन का सवाल है। वह (विजयवर्गीय) आंदोलन की बात कर रहे थे। मैं भी कह रहा हूं कि आंदोलन की आग लगेगी।

इंदौर (मध्यप्रदेश)। ...तो इंदौर में आग लगा देता  वाले विवादास्पद बयान के बाद दर्ज मामले में गिरफ्तारी के खतरे का सामना कर रहे भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय का बचाव करते हुए पार्टी उपाध्यक्ष एवं राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश सरकार सरकार को  आंदोलन की आग  की चेतावनी देते हुए कहा कि वह जनता की आवाज सुने। विजयवर्गीय के विवादास्पद बयान के सवाल पर शिवराज ने यहां संवाददाताओं से कहा,  (इंदौर को) आग लगाने का कोई सवाल ही नहीं है..आंदोलन का सवाल है। वह (विजयवर्गीय) आंदोलन की बात कर रहे थे। मैं भी कह रहा हूं कि आंदोलन की आग लगेगी। उन्होंने कहा,  लोकतंत्र में आंदोलन ही हमारी ताकत है। अगर राज्य सरकार गड़बड़ करेगी और जनता की आवाज नहीं सुनेगी, तो हमारे नेताओं और कार्यकर्ताओं को आंदोलन के लिये सड़कों पर उतरना ही होगा।  

विवादास्पद बयान के बाद दर्ज मामले में विजयर्गीय की गिरफ्तारी की संभावना पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा,  विजयवर्गीय तो भाजपा महासचिव जैसे बड़े पद पर हैं। अगर राज्य सरकार ने भाजपा के किसी आम कार्यकर्ता की आवाज दबाने की कोशिश भी की, तो पूरा प्रदेश सड़कों पर उतरेगा। शिवराज ने कमलनाथ सरकार के माफिया रोधी अभियान पर सवाल भी उठाये। उन्होंने कहा,  मुख्यमंत्री को अगर माफिया पर कार्रवाई ही करनी है, तो वह राज्य के रेत माफिया, शराब माफिया, परिवहन माफिया और तबादला माफिया पर कार्रवाई करें। लेकिन हम माफिया रोधी अभियान की आड़ में आम आदमी का दमन बर्दाश्त नहीं करेंगे। कमलनाथ सरकार के खिलाफ भाजपा के यहां तीन जनवरी को आयोजित धरना-प्रदर्शन के दौरान विजयवर्गीय के विवादास्पद बयान का वीडियो सामने आया था। पुलिस और प्रशासन के आला अफसरों पर बिफरे 63 वर्षीय भाजपा महासचिव वीडियो में कहते सुनायी पड़ रहे हैं,  आखिर कोई प्रोटोकॉल होता है या नहीं? हम सरकारी अधिकारियों से लिखित निवेदन कर रहे हैं कि हम उनसे मिलना चाहते हैं। क्या वे हमें यह सूचना भी नहीं देंगे कि वे शहर से बाहर हैं? यह अब हम बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेंगे। हमारे संघ के पदाधिकारी (यहां) हैं, नहीं तो आज आग लगा देता इंदौर में। 

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इस वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस ने विजयवर्गीय, इंदौर क्षेत्र के लोकसभा सांसद शंकर लालवानी और कुछ स्थानीय विधायकों समेत करीब 350 भाजपा कार्यकर्ताओं पर गंभीर आरोपों वाली धाराओं में आपराधिक प्रकरण दर्ज किया था। शिवराज ने इस प्राथमिकी पर विरोध जताते हुए कहा,  इस तरह मामला दर्ज किया जाना अन्याय की अति और जुल्म की पराकाष्ठा है। अगर सरकारी अफसरों के पास जनता की समस्याओं को लेकर विजयवर्गीय जैसे वरिष्ठ राजनेता और भाजपा के स्थानीय सांसद-विधायकों से चर्चा का समय भी नहीं है, तो ऐसे अफसर पद पर आखिर किसलिये हैं? 

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