MP में OBC समुदाय को साधने में जुटे नेता, CM शिवराज बोले- ओबीसी विरोधी रहा है कांग्रेस का इतिहास

Shivraj Singh Chouhan
प्रतिरूप फोटो
Twitter Image
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज मैं पूरी तरह से संतुष्ट हूं, मन आनंद से भरा हुआ है, रोम-रोम मेरा पुलकित है। मैं उस आनंद की कल्पना नहीं कर सकता हूं, जो संभव ही नहीं था वह संभव हुआ है, एक नया इतिहास बना है। मध्य प्रदेश ने ओबीसी को न्याय दिलाने का रोडमैप बनाया है।

भोपाल। मध्य प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनाव से पहले तमाम राजनीतिक दल ओबीसी समुदाय को साधने में जुटे हुए हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को पिछड़ा वर्ग समाज के आभार कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने अपने पुराने बयान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मैंने विधानसभा में कहा था कि कोई साथ देगा, तो उसके साथ, कोई साथ नहीं देगा, तो उसके बिना और कोई विरोध करेगा, तो उसके बावजूद हम ओबीसी को आरक्षण के साथ मध्यप्रदेश में चुनाव करवाएंगे। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश के स्थानीय निकाय चुनावों में ओबीसी के लिए आरक्षण को मंजूरी दे दी है। 

इसे भी पढ़ें: सुनील जाखड़ की चुगलखोरों वाली टिप्पणी पर बरसे दिग्विजय सिंह, RSS पर भी साधा निशाना 

मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा कि आज मैं पूरी तरह से संतुष्ट हूं, मन आनंद से भरा हुआ है, रोम-रोम मेरा पुलकित है। मैं उस आनंद की कल्पना नहीं कर सकता हूं, जो संभव ही नहीं था वह संभव हुआ है, एक नया इतिहास बना है। मध्य प्रदेश ने ओबीसी को न्याय दिलाने का रोडमैप बनाया है उस पर बाकी राज्य भी चलेंगे। तब न्याय मिलेगा। उन्होंने कहा कि मैं ओबीसी समुदाय के विश्वास को कभी टूटने नहीं दूंगा और हमेशा ऐसा काम करने का प्रयास करेंगे कि आपका माथा गर्व से ऊपर रहे।

कांग्रेस पर बरसे CM शिवराज

इसी बीच उन्होंने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा और कहा कि देश की आजादी के बाद से दशकों तक कांग्रेस की सरकार रही, लेकिन ओबीसी वर्ग के कल्याण के लिए कांग्रेस ने कभी नहीं सोचा। काका कालेलकर आयोग की रिपोर्ट पर भी कभी कार्यवाही नहीं की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का इतिहास ओबीसी विरोध का इतिहास रहा है।

उन्होंने कहा कि कमलनाथ जी, सोनिया गांधी जी, राहुल गांधी जी, प्रियंका गांधी जी और सारे 'जी' एक बात का जवाब मुझे दे दो कि महाराष्ट्र में आप की सरकार है, आप इतने बड़े ओबीसी प्रेमी होने का दम भरते हैं, तो महाराष्ट्र में ओबीसी को आरक्षण क्यों नहीं मिला? उन्होंने कहा कि हमने पूरी ताकत के साथ 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण की लड़ाई को लड़ा। शैक्षणिक संस्थानों में ओबीसी को आरक्षण का लाभ भाजपा ने दिया, कांग्रेस ने नहीं।

मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा कि भाजपा का मूल मंत्र है-सब समाज को साथ लिए, आगे है बढ़ते जाना। ओबीसी ने सदैव देश को जोड़ने का काम किया, तोड़ने का नहीं। भाजपा ने ओबीसी आरक्षण के लिए लड़ाई लड़ी और न्याय दिलाने में सफल रही। 

इसे भी पढ़ें: शिवराज सरकार को बड़ी राहत, मध्यप्रदेश में ओबीसी आरक्षण के साथ होंगे चुनाव 

SC ने दिया ऐतिहासिक फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश के स्थानीय निकाय चुनावों में ओबीसी के लिए आरक्षण को मंजूरी दे दी। न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर, न्यायमूर्ति ए एस ओका और न्यायमूर्ति सी टी रविकुमार की पीठ ने कहा कि हम समर्पित आयोग की रिपोर्ट के अनुसार स्थानीय निकायवार आरक्षण प्रणाली को अधिसूचित करने की भी मध्य प्रदेश को अनुमति देते हैं, जिसका पालन राज्य निर्वाचन आयोग करेगा। यह काम आज से एक सप्ताह के भीतर करना होगा। इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग एक सप्ताह के भीतर संबंधित स्थानीय निकायों के संदर्भ में चुनाव कार्यक्रम जारी करेगा।

ओबीसी महासभा का 'प्रदेश बंद'

सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश के स्थानीय निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण को मंजूरी दे दी है। इसके बाद भी ओबीसी महासभा ने ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने की अपनी मांग पर दबाव बनाने के लिए प्रदेश बंद का आह्वान किया है। जिसका कांग्रेस ने समर्थन किया है। हालांकि ओबीसी महासभा द्वारा बुलाए गए प्रदेश बंद का राजधानी भोपाल में असर नहीं दिखाई दिया और न्यू मार्केट समेत सभी बाजार गुलजार रहे।

नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।

अन्य न्यूज़