मध्य प्रदेश के 107 लोग थे निजामुद्दीन की मरकज में, जिसमें भोपाल के 36 लोग भी शामिल

मध्य प्रदेश के 107 लोग थे निजामुद्दीन की मरकज में, जिसमें भोपाल के 36 लोग भी शामिल

मध्य प्रदेश के 107 लोगों में से 36 लोग भोपाल के पुराने शहर के रहने वाले हैं। प्रशासन उन लोगों की तलाश कर रहा है जो मरकज में शामिल हुए थे। स्वास्थ्य विभाग की टीम जिला प्रशासन और पुलिस की मदद से ऐसे लोगों की तलाश कर उनके सैंपल ले रही है।

भोपाल। दिल्ली में निजामुद्दीन की मरकज से कोरोना संक्रमण फैलने की खबर के बाद अलर्ट हुई मध्य प्रदेश सरकार के गृह विभाग से मिली जानकारी के अनुसार धर्म प्रचार प्रशिक्षण लेने दिल्ली की निजामुद्दीन की मरकज में प्रदेश से 107 लोग गए थे। जिसमें 36 लोग राजधानी भोपाल के पुराने शहर समेत अन्य कालोनियों के रहने वाले है। सोमवार को निजामुद्दीन की मरकज से कोरोना का संक्रमण फैलना सामने आया। बताया जा रहा है कि दिल्ली से लौटते समय 50 जमातें भोपाल शहर की अलग-अलग मस्जिदों में रुकी थीं। एक जमात में करीब 15 से 20 या इससे अधिक लोग रहते हैं। इनकी संख्या निश्चित नहीं रहती है।

 

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विशेष शाखा, मध्य प्रदेश भोपाल से सोशल मीडिया पर जारी एक लिस्ट के अनुसार दिल्ली से लौटे मध्य प्रदेश के 107 लोगों में से 36 लोग भोपाल के पुराने शहर के रहने वाले हैं। प्रशासन उन लोगों की तलाश कर रहा है जो मरकज में शामिल हुए थे। स्वास्थ्य विभाग की टीम जिला प्रशासन और पुलिस की मदद से ऐसे लोगों की तलाश कर उनके सैंपल ले रही है। बताया जा रहा है कि करीब 11 लोगों की पहचान कर सैंपल लिए गए तथा इन लोगों को घर पर ही क्वारैंटाइन किया गया।

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बताया जा रहा है कि दिल्ली के निजामुद्दीन की मरकज से लौटी इन जमातों के सदस्यों ने पुराने भोपाल की कई घनी बस्तियों में करीब एक सप्ताह धर्म प्रचार किया था। इसके बाद ये जमातें वापस अन्य प्रदेशों में चली गईं। सरकार ये जानकारी जुटा रही है कि ये जमातें भोपाल से प्रदेश के किन-किन जिलों में गईं और अभी कहां पर हैं। जानकारी के अनुसार दिल्ली से लौटी एक जमात भोपाल के ऐशबाग स्थित रहमानी मस्जिद में रुकी थी और यहां करीब 100 लोगों से मिली थी। इसी तरह जहांगीराबाद की तीन मस्जिदों, शाहजहांनाबाद, इतवारा, टीला जमालपुरा, ऐशबाग स्थित कई मस्जिदों में करीब पांच दिन तक रुकी थीं।  इस मामले की पुष्टि एसडीएम सिटी जमील खान ने की है।

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निजामुद्दीन की मरकज में कोरोना संक्रमण की घटना सामने आने के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में निर्देश दिए हैं कि तबलीग जमात में हिस्सा लेने वाले प्रदेश के नागरिकों को क्वॉरेन्टाइन में रखने की व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसा कि समाचार मिले हैं, कुछ दिन पूर्व तबलीग जमात का एक बड़ा धार्मिक आयोजन हुआ था। इसमें पूरे देश के श्रद्धालु भाग लेने गए थे। इस समूह में से 200 लोगों के कोविड-19 से संक्रमित होने तथा इनमें से 6 लोगों की तेलंगाना में मृत होने की सूचना प्राप्त हुई है। मध्य प्रदेश से भी 100 से अधिक व्यक्ति इस धार्मिक कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। ऐसी जानकारी प्राप्त हुई है।

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मुख्यमंत्री ने इस संबंध में अधिकारियों को निर्देशित किया है कि इस आयोजन में सम्मिलित मध्य प्रदेश के व्यक्तियों को चिन्हित करें तथा उन्हें क्वॉरेन्टाइन में रखकर उनका आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण किया जाए। यह कार्यवाही सभी के हित में है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी भी प्रकार की बीमारी के लक्षण उन व्यक्तियों में दिखाई देते हैं तो उनके टेस्ट और इलाज की समुचित व्यवस्था भी की जाए। सभी पुलिस अधीक्षकों को यह कार्रवाई अति शीघ्र करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा धार्मिक कार्यक्रम के सिलसिले में जो भी व्यक्ति घूम रहे हैं, उनकी यात्रा का विवरण भी प्राप्त कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने के निर्देश भी दिए गए हैं।





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