Unlock 5 के 27वें दिन केंद्र ने मौजूदा दिशा-निर्देश 30 नवंबर तक बढ़ाया, कंटेनमेंट जोन में लॉकडाउन रहेगा जारी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  अक्टूबर 27, 2020   20:32
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Unlock 5 के 27वें दिन केंद्र ने मौजूदा दिशा-निर्देश 30 नवंबर तक बढ़ाया, कंटेनमेंट जोन में लॉकडाउन रहेगा जारी
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गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि गृह मंत्रालय ने मंगलवार को जारी एक आदेश में इनकी अवधि 30 नवंबर तक बढ़ा दी है। दिशा-निर्देश में कहा गया है कि केंद्र की मंजूरी को छोड़कर अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर पांबदी रहेगी जबकि राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को चरणबद्ध तरीके से स्कूलों और कोचिंग संस्थानों को खोलने पर फैसला करने की अनुमति प्रदान की गयी है।

नयी दिल्ली। केंद्र ने मंगलवार को कहा कि बैठने की 50 प्रतिशत क्षमता के साथ सिनेमा हॉल, थियेटर और मल्टीप्लेक्स को खोलने जैसी विभिन्न गतिविधियों को अनुमति देने के बारे में मौजूदा दिशा-निर्देश निषिद्ध क्षेत्रों के बाहर वाले इलाकों में 30 नवंबर तक लागू रहेंगे। इससे पहले इन गतिविधियों को शुरू करने के लिए 30 सितंबर को जारी दिशा-निर्देशों को 31 अक्टूबर तक के लिए लागू किया गया था। गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि गृह मंत्रालय ने मंगलवार को जारी एक आदेश में इनकी अवधि 30 नवंबर तक बढ़ा दी है। दिशा-निर्देश में कहा गया है कि केंद्र की मंजूरी को छोड़कर अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर पांबदी रहेगी जबकि राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को चरणबद्ध तरीके से स्कूलों और कोचिंग संस्थानों को खोलने पर फैसला करने की अनुमति प्रदान की गयी है।

दिशा-निर्देश के मुताबिक स्थिति के आकलन और कुछ शर्तों के साथ, संबंधित स्कूलों और संस्थानों के प्रबंधन के साथ विचार-विमर्श कर इस बारे में फैसला किया जाए। निषिद्ध क्षेत्रों के बाहर वाले इलाके में बैठने की 50 प्रतिशत क्षमता के साथ सिनेमा, थिएटर और मल्टीप्लेक्स, व्यापार प्रदर्शनी, खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए स्विमिंग पूल, मनोरंजन पार्क और इसी तरह के स्थानों पर गतिविधियों की अनुमति दी गयी है। विभिन्न मंत्रालयों और विभागों ने इन गतिविधियों को शुरू करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है। चुनावी राज्य बिहार और उपचुनाव वाले निर्वाचन क्षेत्रों में राजनीतिक जमावड़े में बंद जगहों या हॉल में अधिकतम 200 लोगों के इकट्ठा होने की अनुमति होगी। राजनीतिक सभा निषिद्ध क्षेत्रों के बाहर ही हो सकती है। इस अवधि में निषिद्ध क्षेत्रों में लॉकडाउन कड़ाई से लागू रहेगा। कोरोना वायरस के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 25 मार्च से राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन लागू करने की घोषणा की थी और इसे 31 मई तक विस्तारित किया गया। देश में ‘अनलॉक’ प्रक्रिया एक जून से शुरू हुई जिसके बाद चरणबद्ध तरीके से वाणिज्यिक, सामाजिक, धार्मिक और अन्य गतिविधियों की इजाजत दी गयी।

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भारत में दो-तीन राज्यों को छोड़कर कोविड-19 के मामलों में गिरावट की प्रवृत्ति: सरकार

सरकार ने मंगलवार को कहा कि दो से तीन राज्यों को छोड़कर देश में कोविड-19 महामारी में गिरावट की प्रवृत्ति देखने को मिल रही है और उत्तरी गोलार्द्ध के कुछ देशों की तुलना में यह बात महत्वपूर्ण है जहां वायरस के प्रकोप में तीव्रता देखी जा रही है। कोविड-19 पर राष्ट्रीय कार्यबल के अध्यक्ष वी के पॉल ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि दुनिया में महामारी से जुड़े हालात चिंताजनक हैं और देखा गया है कि अधिक आर्थिक क्षमता तथा प्रति व्यक्ति आय वाले एवं अच्छी स्वास्थ्य प्रणाली वाले देशों में दूसरे दौर का प्रकोप फैल सकता है। स्वास्थ्य के लिए नीति आयोग के सदस्य पॉल ने कहा, ‘‘यह हम सभी के लिए सबक होना चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम बहुत सौभाग्यशाली हैं कि हमारे यहां प्रवृत्ति विपरीत दिशा में है। हम सौभाग्यशाली हैं कि आज हम दो-तीन राज्यों को छोड़कर महामारी के मामलों में गिरावट की प्रवृत्ति देख रहे हैं। यह गिरावट इस लिहाज से खासतौर पर महत्वपूर्ण है कि उत्तरी गोलार्द्ध के अन्य देशों में महामारी का प्रकोप बढ़ रहा है।’’ पॉल ने कहा कि उत्तरी गोलार्द्ध के अनेक देशों में महामारी ने दोबारा हमला किया है। अमेरिका में तीसरी बार मामले उच्च स्तर पर पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि केरल, पश्चिम बंगाल और दिल्ली में तीसरी बार मामले उच्च स्तर की ओर बढ़ रहे हैं। पॉल ने कहा कि यह चिंता का विषय है और आने वाले समय में कोविड-19 संबंधी उचित व्यवहार का पालन करने में कोई लापरवाही नहीं की जा सकती क्योंकि अभी और चुनौतियां सामने आएंगी। उन्होंने कहा कि आगे कई त्योहार आ रहे हैं और अगर पिछले कुछ दिन में हम कहीं डगमगाए हैं तो अगले 10 से 12 दिन में यह नजर आएगा। स्वास्थ्य मंत्रालय में सचिव राजेश भूषण ने कहा कि देखा गया है कि केरल, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, कर्नाटक और दिल्ली जैसे राज्य तथा केंद्रशासित प्रदेशों में त्योहारों के मौसम में मामलों में बढ़ोतरी हुई है। 

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देश में तीन महीने बाद पहली बार एक दिन में कोविड-19 के 40 हजार से कम नए मामले आए सामने

देश में तीन महीने बाद पहली बार एक दिन में कोविड-19 के नए मामले 40 हजार से कम सामने आए हैं। वहीं इस दौरान मृतक संख्या भी 500 से कम रही। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से सुबह आठ बजे जारी किए गए अद्यतन आंकड़ों के अनुसार देश में एक दिन में कोविड-19 के 36,470 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमण के मामले बढ़कर 79,46,429 हो गए। वहीं 488 और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 1,19,502 हो गई। उसके अनुसार देश में 72,01,070 लोगों के संक्रमण मुक्त होने के साथ ही मरीजों के ठीक होने की दर 90.62 प्रतिशत है। वहीं कोविड-19 से मृत्यु दर 1.50 प्रतिशत है। देश में लगातार पांच दिन से उपचाराधीन लोगों की संख्या सात लाख से कम ही है। अभी कुल 6,25,857 लोगों का कोरोना वायरस का इलाज जारी है, जो कुल मामलों का 7.88 प्रतिशत है। भारत में सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख के पार चली गई थी, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितम्बर को संक्रमितों की संख्या 40 लाख से ऊपर चली गई थी। वहीं कुल मामले 16 सितम्बर को 50 लाख के पार, 28 सितम्बर को 60 लाख और 11 अक्टूबर को 70 लाख के पार चले गए थे। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अनुसार 26 अक्टूबर तक कुल 10,44,20,894 नमूनों की कोविड-19 की जांच की गई, जिनमें से 9,58,116 नमूनों का परीक्षण सोमवार को ही किया गया। आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटे में जिन 488 लोगों की मौत हुई, उनमें से सबसे अधिक 84 लोग महाराष्ट्र के थे। इसके अलावा पश्चिम बंगाल के 59, दिल्ली के 54, छत्तीसगढ़ के 43, कर्नाटक के 42 और तमिलनाडु के 32 लोग थे। मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार देश में अभी तक कुल 1,19,502 लोगों की मौत हुई है। इनमें से सबसे अधिक 43,348 लोग महाराष्ट्र के थे। इनके अलावा तमिलनाडु के 10,956, कर्नाटक के 10,947 , उत्तर प्रदेश के 6,904, आंध्र प्रदेश के 6,606 , पश्विम बंगाल के 6,546, दिल्ली के  6,312, पंजाब के 4,125 और गुजरात के 3,690 लोग थे। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि 70 प्रतिशत से ज्यादा मामलों में मरीजों में अन्य बीमारियां भी थीं। मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर बताया कि उसके आंकड़ों का आईसीएमआर के आंकड़ों के साथ मिलान किया जा रहा है।

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झारखंड में कोरोना वायरस से छह और लोगों की मौत, संक्रमण के 220 नए मामले

झारखंड में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस से छह और लोगों की मौत हो गई जिसे मिलाकर राज्य में महामारी से मरने वालों की कुल संख्या 872 हो गई है। वहीं, इस अवधि में संक्रमण के 220 नए मामले सामने आए जिन्हें मिलाकर राज्य में संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 99,906 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग की आज दिन में जारी रिपोर्ट के अनुसार राज्य में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस से छह और लोगों की मौत हो गई। राज्य में महामारी से अब तक 872 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, इस अवधि में संक्रमण के 220 नए मामले सामने आए जिन्हें मिलाकर राज्य में संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 99,906 हो गई है। राज्य में अब तक 93,368 मरीज ठीक होकर अपने घरों को लौट चुके हैं और वर्तमान में 5,666 लोगों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है।

उत्तर प्रदेश में कोविड-19 से 38 और लोगों की मौत, संक्रमण के 2,018 नए मामले

उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान कोविड-19 से 38 और लोगों की मौत हो गई तथा संक्रमण के 2,018 नए मामले सामने आए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मंगलवार को जारी बुलेटिन के मुताबिक पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में कोविड-19 से 38 और लोगों की मौत हो गई। इसके साथ ही प्रदेश में इस वायरस से मरने वालों की संख्या बढ़कर 6,940 हो गई है। मौत के नए मामलों में सबसे ज्यादा छह मौत राजधानी लखनऊ में हुई हैं। इसके अलावा कानपुर नगर में चार, इटावा और सीतापुर में तीन-तीन, गोरखपुर, वाराणसी, मेरठ, मुरादाबाद, लखीमपुर-खीरी तथा आजमगढ़ में दो-दो और गौतम बुद्ध नगर, आगरा, बलिया, जौनपुर, बस्ती, गाजीपुर, प्रतापगढ़, अमरोहा, ललितपुर तथा मिर्जापुर में कोविड-19 से एक-एक व्यक्ति की मौत हुई। राजधानी लखनऊ में अब तक सबसे ज्यादा 870 लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा कानपुर नगर में 728 तथा प्रयागराज में 322 कोरोना संक्रमित लोगों की मृत्यु हुई है। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण के 2,018 नए मामले सामने आए। सबसे ज्यादा 198 मरीज प्रयागराज में मिले हैं। इसके अलावा लखनऊ में 186, लखीमपुर खीरी में 168, गौतम बुद्ध नगर में 151 तथा मेरठ में 123 नए मरीजों का पता लगा है। हालांकि इसी अवधि में 2,326 मरीज पूरी तरह ठीक भी हुए हैं। 

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कोरोना वायरस संक्रमण का टीका अगले साल की शुरूआत से उपलब्ध हो सकता है: मंत्री

कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री डा के सुधाकर ने मंगलवार को ​विश्वास जताया कि कोविड—19 का टीका 2021 की शुरुआत में आ जायेगा। उन्होंने यह भी कहा कि इसके आते ही सरकार इसकी आपूर्ति राज्य के हर स्थान तक करना सुनिश्चित करेगी। एस्ट्राजेनेका के प्रबंध निदेशक गगन सिंह बेदी के साथ बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत करते हुये मंत्री ने कहा कि टीके के परीक्षण के पहले चरण के नतीजे उत्साहजनक रहे हैं। उन्होंने कहा, आक्सफोर्ड :एस्ट्राजेनेका द्वारा विकसित इस टीके के पहले चरण का परीक्षण पूरा हो चुका है और इसके नतीजे उत्साहजनक रहे हैं। दूसरे एवं तीसरे चरण का परीक्षण किया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि बेदी ने उनसे कहा है कि कंपनी के पास एक अरब खुराक उपलब्ध कराने की क्षमता है। गौरतलब है कि यह कंपनी इस टीके को 2021 के शुरुआती महीनों में पेश करने योजना बना रहा है। सुधाकर ने कहा कि एक बार इसके बाजार में आने के बाद कर्नाटक सरकार यह सुनिश्चित करेगी इसे राज्य के हर स्थान पर उपलब्ध कराया जाये। मंत्री ने कहा कि सबसे पहले यह दवा कोविड के खिलाफ संघर्ष करने वालों जैसे चिकित्सकों, नर्सों एवं पारामेडिकल कर्मियों को उपलब्ध करायी जायेगी। 





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।
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भोपाल के ईदगाह हिल्स का नाम गुरु नानक टेकरी रखने की माँग

  •  दिनेश शुक्ल
  •  नवंबर 30, 2020   23:30
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भोपाल के ईदगाह हिल्स का नाम गुरु नानक टेकरी रखने की माँग
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भोपाल की हुजूर विधानसभा सीट से विधायक और मध्य प्रदेश विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने कहा है कि ईदगाह हिल्स का नाम बदलकर गुरु नानक टेकरी किया जाए। उन्होंने कहा कि 500 साल पहले जब गुरु नानक देव जी भारत भ्रमण पर निकले थे, तब वे भोपाल भी आए थे।

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने  प्रदेश की राजधानी  भोपाल स्थित ईदगाह हिल्स का नाम बदलकर गुरु नानक टेकरी किए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि भोपाल की यह टेकरी ऐतिहासिक रूप से गुरु नानक देव जी की स्मृतियों से जुड़ी हुई है। वही रामेश्वर शर्मा ने होशंगाबाद शहर का नाम बदलकर नर्मदापुरम रखने की वकालत की है। 

इसे भी पढ़ें: नर्मदा और गौ संरक्षण की मांगों को लेकर भैयाजी सरकार ने शुरू किया सत्याग्रह

भोपाल की हुजूर विधानसभा सीट से विधायक और मध्य प्रदेश विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने कहा है कि ईदगाह हिल्स का नाम बदलकर गुरु नानक टेकरी किया जाए। उन्होंने कहा कि 500 साल पहले जब गुरु नानक देव जी भारत भ्रमण पर निकले थे, तब वे भोपाल भी आए थे। यहां गुरु नानक देव जी उसी टेकरी पर आए थे, जिसे ईदगाह हिल्स कहा जाता है। उन्होंने कहा कि पहले इस टेकरी को गुरुनानक टेकरी कहा जाता था, लेकिन बाद में यहां ईदगाह बन गई और उसका नाम ईदगाह हिल्स पड़ गया। अब इसे बदलकर गुरु नानक टेकरी किया जाना चाहिए। वही रामेश्वर शर्मा ने कहा कि होशंगाबाद का नाम भी बदलकर नर्मदापुरम किया जाना चाहिए। 





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


नर्मदा और गौ संरक्षण की मांगों को लेकर भैयाजी सरकार ने शुरू किया सत्याग्रह

  •  दिनेश शुक्ल
  •  नवंबर 30, 2020   23:00
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नर्मदा और गौ संरक्षण की मांगों को लेकर भैयाजी सरकार ने शुरू किया सत्याग्रह
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भैयाजी सरकार धूनी वाले द्वारा विगत 46 दिन से अन्न त्याग कर मां नर्मदा गौ सत्याग्रह किया जा रहा है। जबलपुर, मंडला आदि अनेक नर्मदा तटों पर उनके समर्थकों के द्वारा इस सत्याग्रह को समर्थन दिया जा रहा है।

होशंगाबाद। मध्य प्रदेश के होशंगाबाद में नर्मदा और गौ संरक्षण की मांग को लेकर बीते 46 दिनों से सत्याग्रह कर रहे संत भैयाजी सरकार ने सोमवार को कार्तिक पूर्णिमा से जिले के बांद्राभान संगम तट पर सत्याग्रह शुरू कर दिया है। उनके साथ नर्मदा मिशन से जुड़े कई संगठनों के पदाधिकारियों द्वारा सत्याग्रह किया जा रहा है। मां नर्मदा की पूजन अर्चन के साथ सत्याग्रह सोमवार सुबह 9 बजे से शुरू हो गया है। जिसमें शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के सैंकड़ों लोग जुड़ते जा रहे हैं। 

इसे भी पढ़ें: अपने साथी बलराम की मौत के बाद हिंसक हुआ हाथी राम, दो लोगों पर किया हमला

भैयाजी सरकार धूनी वाले द्वारा विगत 46 दिन से अन्न त्याग कर मां नर्मदा गौ सत्याग्रह किया जा रहा है। जबलपुर,  मंडला आदि अनेक नर्मदा तटों पर उनके समर्थकों के द्वारा इस सत्याग्रह को समर्थन दिया जा रहा है। ब्रांदाभान में सत्याग्रह से पूर्व संत भैयाजी सरकार ने कहा कि माँ नर्मदा के रिपेरियन जोन जो कि 300 मीटर में हाईकोर्ट द्वारा निर्धारित किया गया है, इस तटीय क्षेत्र को संरक्षित करने, माँ नर्मदा को जीवंत इकाई का दर्जा देने की मांग, गौ संरक्षण, गौचर विकास की मांग को लेकर सत्याग्रह जारी है। उन्होंने बताया कि नर्मदा गौ सत्याग्रह जनजागरण जन आंदोलन समिति मध्य प्रदेश के द्वारा यह सत्याग्रह किया जा रहा है। जिसमें प्रदेश के अनेक संगठन शामिल हो रहे हैं।

इसे भी पढ़ें: जबलपुर रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ ने 50 लाख के साथ दो नाबालिग लड़कियों को पकड़ा

ये हैं प्रमुख मांगे

- हाईकोर्ट के आदेशानुसार नर्मदा के दोनों ओर 300 मीटर तक प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित कर तत्काल संरक्षित किया जाए।

- मां नर्मदा को जीवंत इकाई का दर्जा देकर ठोस नीति व कानून बनाए जाए।

- हरित क्षेत्र में अवैध निर्माण, अतिक्रमण, भंडारण, खनन प्रतिबंधित किया जाए। 

- अमरकंटक तीर्थ क्षेत्र में हो रहे निर्माण अतिक्रमण खनन पूर्णतः प्रतिबंधित किया जाए।

- नर्मदा के जल में मिल रहे गंदे नालों विषेले रासायनों को बंद करने व अपशिष्ट द्रव्य पदार्थों के प्रबंधन हेतु प्रभावी ठोस कार्ययोजना लागू की जाए।

- बेसहारा गौ वंश के लिए आरक्षित नगरीय निकायों की गौचर भूमि को संरक्षित किया जाए एवं अवैध अतिक्रमण निर्माण कब्जा से मुक्त कराया जाए।

- नर्मदा पथ के तटवर्ती गांव नगरों को जैवविविधता क्षेत्र घोषित कर समग्र गौ-नीति, गौ अभ्यारण बनाया जाए। 





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


अपने साथी बलराम की मौत के बाद हिंसक हुआ हाथी राम, दो लोगों पर किया हमला

  •  दिनेश शुक्ल
  •  नवंबर 30, 2020   22:41
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अपने साथी बलराम की मौत के बाद हिंसक हुआ हाथी राम, दो लोगों पर किया हमला
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मंडला के बीजाडांडी वन परिक्षेत्र में रविवार रात उसने दो ग्रामीणों पर हमला किया। सीसीएफ जबलपुर एचडी मेहिले का कहना है कि खतरनाक हो चुके राम का रेस्क्यू करने के लिए कान्हा व पेंच के डायरेक्टर मंडला वन विभाग की टीम के साथ उसे ट्रेंक्युलाइज करने की कोशिश कर रहे हैं।

मंडला। अपने साथी बलराम की मौत के बाद हाथी राम हिंसक हो गया है। बीती रात मंडला जिले में उसने दो ग्रामीणों पर हमला कर दिया। हालांकि दोनों ही बच गए। इधर, हाथी बलराम के हिंसक होने पर वन अधिकारियों ने उसे ट्रेंक्युलाइज करके रेस्क्यू करने के प्रयास तेज कर दिये हैं। जबलपुर वन मंडल के बरगी के मोहास में हाथी बलराम (20) की शिकारियों द्वारा बिछाए गए करंट से मौत के बाद उसका साथी राम बेकाबू हो गया है। वह काफी गुस्से में है।

 

इसे भी पढ़ें: जबलपुर रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ ने 50 लाख के साथ दो नाबालिग लड़कियों को पकड़ा

मंडला के बीजाडांडी वन परिक्षेत्र में रविवार रात उसने दो ग्रामीणों पर हमला किया। सीसीएफ जबलपुर एचडी मेहिले का कहना है कि खतरनाक हो चुके राम का रेस्क्यू करने के लिए कान्हा व पेंच के डायरेक्टर मंडला वन विभाग की टीम के साथ उसे ट्रेंक्युलाइज करने की कोशिश कर रहे हैं। मंडला डीएफओ कमल अरोड़ा का कहना है कि राम हाथी की सोमवार को लोकेशन टिकरिया रेंज में मिली है। कान्हा नेशनल पार्क के डायरेक्टर एसके सिंह और पेंच के विक्रम सिंह परिहार की अगुवाई में वन विभाग की टीम टिकरिया रेंज में पहुंच चुकी है। हाथी राम को ट्रेंक्युलाइज कर कान्हा नेशनल पार्क ले जाया जाएगा। कर्नाटका के विशेषज्ञों से भी बातचीत चल रही है। 

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जबलपुर वन विभाग का अमला बीते तीन दिनों से राम हाथी की लोकेशन पता करने में लगा था, लेकिन सफलता नहीं मिली। रविवार को उसके पग मार्क जरूर नेवास रोड पर मनेरी औद्योगिक क्षेत्र में पाए गए थे। रविवार शाम सात बजे के लगभग मनेरी से वह बीजाडांडी वन परिक्षेत्र में पहुंच गया था, जो बरगी के मोहास से 45 किमी दूर है। राम हाथी सबसे पहले बीजाडांडी क्षेत्र के भैसवाही गांव निवासी भगत सिंह बैगा (45)  के खलिहान में घुस आया। उसने भगत सिंह के पीठ पर दांत से हमला कर घायल कर दिया। यहां ग्रामीणों ने शोर मचाया तो वह खेतों की ओर भाग गया।

 

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जबलपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती बीजाडांडी निवासी भगत सिंह ने बताया कि खलिहान में धान खा रहे हाथी को भैंस समझकर भगाने गए थे, तभी उसने हमला कर दिया। वहीं, नगरार गांव निवासी राजकुमार यादव (55) खेत में रखवाली करने गए थे। राम हाथी ने गुस्से में उन्हें सूंड से धक्का देकर गिरा दिया। राजकुमार यादव के मुताबिक हाथी उन्हें रौंदने के लिए आगे बढ़ा था। उसने भाग कर किसी तरह अपनी जान बचाई। हाथी ने दूर तक उसका पीछा भी किया था। 





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।