बल्ला कांड पर बोले विजयवर्गीय, मेरा बेटा और निगम प्रशासन दोनों ही कच्चे खिलाड़ी

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[email protected] । Jul 1 2019 4:55PM

भाजपा महासचिव ने तंज कसते हुए कहा, अगर राज्य सरकार ने अब तक ऐसा सकुर्लर जारी नहीं किया है कि बारिश में आवासीय मकानों को तोड़ा नहीं जायेगा, तो कमलनाथ को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से पूछ कर इस आशय का आदेश जारी करना चाहिये।

इंदौर। भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने अपने विधायक बेटे द्वारा इंदौर नगर निगम के एक अधिकारी को क्रिकेट के बल्ले से सरेआम पीटे जाने के बहुचर्चित मामले को सोमवार को  दुर्भाग्यपूर्ण  करार दिया। उन्होंने कहा कि निगम प्रशासन और उनका बेटा, दोनों कच्चे खिलाड़ी साबित हुए क्योंकि शहरी निकाय के अमले द्वारा बुधवार को एक जर्जर मकान को ढहाने की कोशिश के दौरान भाजपा के निर्वाचित जन प्रतिनिधि के साथ हुए विवाद को टाला जा सकता था। विजयवर्गीय को उनके गृह क्षेत्र परदेशीपुरा के एक शिव मंदिर में अपने विधायक बेटे आकाश (34) और अन्य समर्थकों के साथ भजन गाते देखा गया। भजन-कीर्तन सम्पन्न होने के बाद भाजपा महासचिव ने संवाददाताओं से कहा,  इंदौर में हाल ही जो भी घटनाक्रम (जर्जर मकान को ढहाने की कोशिश के दौरान हुआ विवाद) हुआ, वह दुर्भाग्यपूर्ण था। इस विवाद को टाला जा सकता था। 

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उन्होंने कहा,  हालांकि, आकाश ने किसी बिल्डर के लिये नहीं, बल्कि उस गरीब परिवार के लिये आवाज बुलंद की थी जिसका आशियाना उजाड़ा जा रहा था। लेकिन मुझे लगता है कि मेरा विधायक बेटा और निगम प्रशासन, दोनों कच्चे खिलाड़ी हैं। अब मैं इस बात को ज्यादा बढ़ाना नहीं चाहता। भविष्य में ऐसे विवादों की पुनरावृत्ति न हो, इसकी चिंता सबको करनी चाहिये। विजयवर्गीय ने निगम के अफसरों पर निशाना साधते हुए कहा,  बुधवार के विवाद से पहले निगम के अफसरों ने आकाश के फोन नहीं उठाये थे। अफसरों को अहंकार नहीं करना चाहिये। उन्होंने यह भी कहा कि शहरी निकाय की  परंपरा को कायम रखते हुए मॉनसून के दौरान जर्जर मकानों को नहीं तोड़ा जाना चाहिये। भाजपा महासचिव ने कहा, मुख्यमंत्री (कमलनाथ) और नगरीय प्रशासन विभाग के मंत्री (जयवर्धन सिंह) अभी इन पदों पर नये हैं। उन्हें शायद इस बात की जानकारी नहीं होगी कि मॉनसून में आवासीय मकानों को तोड़ा नहीं जाता। 

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भाजपा महासचिव ने तंज कसते हुए कहा, अगर राज्य सरकार ने अब तक ऐसा सकुर्लर जारी नहीं किया है कि बारिश में आवासीय मकानों को तोड़ा नहीं जायेगा, तो कमलनाथ को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से पूछ कर इस आशय का आदेश जारी करना चाहिये। विजयवर्गीय ने आरोप लगाया कि कमलनाथ की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार में सूबे के प्रमुख विपक्षी दल भाजपा के नेताओं को राजनीतिक द्वेष के तहत परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा, मध्यप्रदेश में पक्ष और विपक्ष के बीच हमेशा राजनीतिक सौजन्य रहा है। लेकिन बतौर मुख्यमंत्री कमलनाथ के कार्यकाल में पहली बार हो रहा है कि राजनीतिक विरोधियों के साथ दुश्मनों की तरह बर्ताव किया जा रहा है। पुलिस और प्रशासन के दुरुपयोग से राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ मकड़जाल बुना जा रहा है। भाजपा महासचिव ने कहा, मैं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री से कहूंगा कि वे अधिकारियों को निर्देश दें कि सभी दलों के जन प्रतिनिधियों का सम्मान किया जाये।  

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