CJI Suryakant की Youth को नसीहत, Vivekananda की तरह चरित्र बनाएं, सिर्फ डिग्री से देश नहीं बनता
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने दो अलग-अलग मंचों से चरित्र और जिम्मेदारी के महत्व को रेखांकित किया। भिवानी में छात्रों को उन्होंने डिग्रियों से आगे बढ़कर नैतिक मूल्यों को अपनाने की सीख दी, तो वहीं जयपुर में सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के अनुभव को समाज के लिए बहुमूल्य बताया। उनका संदेश स्पष्ट है: व्यक्तिगत चरित्र और सामाजिक दायित्व ही राष्ट्र निर्माण की असली नींव हैं।



























































