Yes Milord: हाउसवाइफ को मिलेंगे ₹30,000 हर महीने? सुप्रीम कोर्ट के फैसले को समझें
परिवार को मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल से 2 लाख का मुआवजा उसको मिला। बीमा कंपनी ने मुआवजे की गणना में उसके घरेलू कार्य का मूल्य शून्य माना। असंतुष्ट परिवार हाईकोर्ट। सितंबर 2024 में पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने मुआवजा बढ़ाकर ₹8,43,000 कर दिया। परिवार ने मुआवजा बढ़ाने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। सुप्रीम कोर्ट ने महिला के घरेलू योगदान को ध्यान में रखते हुए कुल मुआवजा 62,77,900 तय किया।



























































