PoK की जनता को पाकिस्तानी जुल्मों से निजात दिलाने के लिए क्या भारत को सीधे दखल देना चाहिए?
पाकिस्तान ने तथाकथित विधानसभा और संविधान का ढांचा तो खड़ा किया, लेकिन असली सत्ता हमेशा इस्लामाबाद और रावलपिंडी के हाथों में रही। वहां की विधानसभा महज कठपुतली संस्था बनकर रह गई है। हाल ही में आरक्षित सीटों को लेकर आए फैसले ने जनता के गुस्से को और भड़का दिया।



























































