छात्रों का आत्मघातः सपनों का बोझ है या सिस्टम की नाकामी?
भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा संसद में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार 2018 से 2023 के बीच उच्च शिक्षण संस्थानों में 98 छात्रों ने आत्महत्या की। इनमें सबसे अधिक घटनाएं भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में हुईं, इसके बाद एनआईटी और केंद्रीय विश्वविद्यालयों का स्थान है।



























































