Amarnath Yatra: Sharika Bhawani Temple पहुंची Chhari Mubarak, महंत दीपेंद्र गिरी ने की विशेष पूजा

अमरनाथ यात्रा की प्राचीन परंपराओं का निर्वहन करते हुए छड़ी मुबारक को विशेष पूजा हेतु शारिका भवानी मंदिर ले जाया गया। महंत दीपेंद्र गिरी के मार्गदर्शन में यह अनुष्ठान आगामी प्रमुख पड़ावों और श्रावण पूर्णिमा के मुख्य दर्शन की दिशा में एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक चरण है। अमरनाथ यात्रा, छड़ी मुबारक, शारिका भवानी मंदिर और महंत दीपेंद्र गिरी इस धार्मिक आयोजन के मुख्य केंद्र बिंदु हैं।
अमरनाथ यात्रा के तहत बृहस्पतिवार कोभगवान शिव के प्रतीक के तौर पर केसरिया रंग के वस्त्रों से सजी पवित्र ‘छड़ी मुबारक’ को यहां के प्राचीन शारिका भवानी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के लिए ले जाया गया। छड़ी मुबारक के संरक्षक महंत दीपेंद्र गिरी ने कहा, ‘‘प्राचीन परंपराओं के अनुसार, श्रावण शुक्ल प्रतिपदा के मौके पर छड़ी मुबारक स्वामी अमरनाथ जी को हरि पर्वत स्थित शारिका भवानी मंदिर ले जाया गया, ताकि देवी ‘त्रिपुरसुंदरी’ के प्रति श्रद्धा व्यक्त की जा सके।’’
उन्होंने कहा कि पूजनमें बड़ी संख्या में साधुओं और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। देवी शारिका भवानी को श्रीनगर शहर की इष्ट देवी माना जाता है, जो हरि पर्वत पर एक शिला के रूप में प्रकट हुई थीं। शहर के बुदशाह चौक इलाके में स्थित श्री अमरेश्वर मंदिर अखाड़ा भवन में शनिवार को छड़ी स्थापना समारोह आयोजित किया जाएगा और 17 अगस्त को ‘नाग पंचमी’ के दिन पारंपरिक ‘छड़ी पूजन’ किया जाएगा।
‘छड़ी मुबारक’ 22 अगस्त को तीर्थयात्रा के मुख्य पड़ाव के लिए रवाना होगी। गिरी ‘छड़ी मुबारक’ को अमरनाथ की पवित्र गुफा तक ले जाएंगे। वह 28 अगस्त को श्रावण-पूर्णिमा के शुभ अवसर पर पूजा और दर्शन करेंगे। इस यात्रा के दौरान वह 22 और 23 अगस्त को पहलगाम, 24 अगस्त को चंदनवाड़ी, 25 अगस्त को शेषनाग और 26 व 27 अगस्त को पंचतरणी में रात्रि विश्राम करेंगे। दक्षिण कश्मीर में अमरनाथ की पवित्र गुफा के लिए 57 दिनों की वार्षिक तीर्थयात्रा तीन जुलाई को शुरू हुई और यह 28 अगस्त, 2026 को समाप्त होगी।
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