AI ने लाया 'SaaS-pocalypse'? Anthropic के नए टूल से IT शेयरों में सुनामी, निवेशक परेशान।

एंथ्रॉपिक जैसे नए एआई टूल्स के आने से निवेशकों में डर है कि सॉफ्टवेयर कंपनियों का 'बिल योग्य घंटे' आधारित मॉडल कमजोर हो सकता है, जिसके चलते आईटी शेयरों में भारी बिकवाली देखी जा रही है। हालांकि, जेपी मॉर्गन जैसे विशेषज्ञ इसे एक ओवररिएक्शन मान रहे हैं, जिसका मतलब है कि बाजार की घबराहट हकीकत से ज्यादा हो सकती है।
एआई के नए प्रोडक्ट्स जैसे ही सामने आए, भारतीय सॉफ्टवेयर सेवा कंपनियों पर दबाव अचानक बढ़ गया। बता दें कि चैटजीपीटी के बाद अब एंथ्रॉपिक जैसी कंपनियों के एआई टूल्स ने बाजार में नई बेचैनी पैदा कर दी हैं, जिसका सीधा असर आईटी शेयरों पर दिख रहा है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, एंथ्रॉपिक द्वारा वर्कप्लेस प्रोडक्टिविटी से जुड़े नए टूल्स लॉन्च किए जाने के बाद निवेशकों में यह चिंता गहराई है कि एआई भविष्य में सॉफ्टवेयर कंपनियों के बिल योग्य घंटे और लागत आधारित मॉडल को कमजोर कर सकता हैं। इसी डर के चलते भारत से लेकर वॉल स्ट्रीट तक आईटी शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिल रही है।
गौरतलब है कि बाजार में इस हालात को ट्रेडर्स ‘सासपोकैलिप्स’ कह रहे हैं, यानी सॉफ्टवेयर-एज़-ए-सर्विस कंपनियों के लिए संकट जैसी स्थिति है। निवेशकों का मानना बनता दिख रहा है कि एआई टूल्स की वजह से पारंपरिक सॉफ्टवेयर सेवाओं की मांग और कीमत दोनों पर दबाव आ सकता है।
जेपी मॉर्गन ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर एक सख्त लेकिन संतुलित टिप्पणी की है। बैंक के अनुसार, एआई को लेकर निवेशकों की चिंता अब तेजी से बढ़ी है और संभव है कि यह डर हकीकत से आगे निकल गया हो। जेपी मॉर्गन की सीआईओ सर्वे रिपोर्ट यह संकेत नहीं देती कि सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री का व्यापक स्तर पर कोई तात्कालिक पतन होने वाला है।
बैंक ने 2021 के उस दौर की याद दिलाई है, जब क्लाउड और सॉफ्टवेयर कंपनियों को लेकर जबरदस्त उत्साह था और निवेशक ऊंचे वैल्यूएशन पर भी खरीदारी कर रहे थे। अब वही निवेशक 25–30 साल के निचले स्तरों पर इन शेयरों से दूरी बना रहे हैं, जो बाजार की मनोवृत्ति में तेज बदलाव को दर्शाता है।
बता दें कि इस पूरे डर की जड़ एंथ्रॉपिक का वह कदम हैं, जिसमें उसने कानूनी, बिक्री, मार्केटिंग और डेटा एनालिसिस जैसे कामों को ऑटोमेट करने वाले एआई टूल्स पेश किए हैं। इसके बाद निवेशकों को यह डर सताने लगा कि सॉफ्टवेयर कंपनियों की प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त कमजोर हो सकती है।
हालांकि, एंथ्रॉपिक ने यह स्पष्ट किया है कि उसके कानूनी टूल्स किसी भी तरह की कानूनी सलाह नहीं देते हैं और अंतिम फैसले से पहले इंसानी विशेषज्ञों की समीक्षा जरूरी हैं। इसके बावजूद बाजार की घबराहट कम होती नहीं दिख रही है।
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