Flydubai विमान में सह-पायलट के हमले के बाद कॉकपिट सुरक्षा की नए सिरे से समीक्षा शुरू

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में सह-पायलट द्वारा कैप्टन पर चाकू से कथित हमले के बाद विमानन सुरक्षा प्रोटोकॉल की गहन समीक्षा की जा रही है। इस घटना के बाद 174 लोगों को ले जा रहे विमान को सुरक्षित सऊदी अरब में उतारा गया। अब सऊदी अरब, यूएई, इजराइल, अमेरिका और ओमान मिलकर सुरक्षा खामियों की जांच कर रहे हैं।
फ्लाईदुबई की दुबई-तेल अवीव उड़ान में कॉकपिट के भीतर पायलट पर कथित हमले के बाद विमानन सुरक्षा उपायों की नए सिरे से समीक्षा की जा रही है। इस घटना में सह-पायलट ने कथित तौर पर कैप्टन पर चाकू से हमला किया था। विमान में 174 लोग सवार थे और बाद में इसे सऊदी अरब में सुरक्षित उतारा गया।
घटना की जांच सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और इजराइल के अधिकारी कर रहे हैं। अमेरिका और ओमान भी जांच में सहायता कर रहे हैं। इजराइल के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार इयाल हुलाता ने कहा कि अब तक विमानन सुरक्षा में मुख्य ध्यान यात्रियों और उनके सामान पर रहा है, लेकिन इस घटना के बाद चालक दल के सदस्यों की भी अधिक कड़ी जांच की जाएगी।
इसे भी पढ़ें: flydubai विमान में भारतीय पायलट पर हमले पर UN Chief Antonio Guterres ने जताई गहरी चिंता
विमानन सुरक्षा विशेषज्ञ फिलिप बाउम ने कहा कि दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा सुरक्षा को लेकर अपनी प्रतिष्ठा के प्रति बेहद सजग है। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में पायलटों की जांच और उड़ान से पहले सुरक्षा प्रक्रियाएं एक जैसी नहीं हैं। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि उनके देश के विदेशी एयरलाइंस के साथ ऐसे समझौते हैं, जिनके तहत इजराइल के साथ राजनयिक संबंध नहीं रखने वाले देशों के नागरिक पायलटों को देश में उड़ान भरने से रोका जाता है।
इसे भी पढ़ें: Flydubai विमान में सह-पायलट के हमले की UAE ने शुरू की उच्चस्तरीय जांच
उन्होंने कहा कि इस मामले में ‘‘एक खामी’’ थी और उसे दूर किया जा रहा है। इजराइली अधिकारियों ने फ्लाईदुबई के सह-पायलट को ओमानी नागरिक बताया है। इजराइल और ओमान के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं।
विमानन सुरक्षा विशेषज्ञ मेनाखेम बाखराख ने कहा कि घटना सुरक्षा प्रक्रियाओं में खामी के बजाय उनके अनुपालन में कमी का नतीजा हो सकती है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने से पहले यह देखना जरूरी है कि क्या तय प्रोटोकॉल का पालन किया गया था। विशेषज्ञों के अनुसार, जांच में यह भी देखा जाएगा कि क्या सह-पायलट के व्यवहार को लेकर पहले कोई चिंता जताई गई थी और आपात संदेश मिलने के बाद संबंधित अधिकारियों ने कैसी प्रतिक्रिया दी।
इसे भी पढ़ें: भारतीय पायलट पर कुल्हाड़ी से हुआ था हमला! वो फ्लाईदुबई के कॉकपिट में आई कैसे?
9/11 के हमलों के बाद कॉकपिट के दरवाजों को मजबूत और लॉक करने की व्यवस्था की गई थी। विशेषज्ञों का कहना है कि इस घटना ने कॉकपिट के भीतर से उत्पन्न होने वाले खतरे की चुनौती को फिर सामने ला दिया है। विमानन सुरक्षा सलाहकार मैथ्यू बोरी ने कहा कि एयरलाइन कर्मचारियों को सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियों की जानकारी होती है और अगर कोई अंदरूनी व्यक्ति गलत मंशा रखता है तो वह इन कमजोरियों का फायदा उठाने की बेहतर स्थिति में हो सकता है।
अन्य न्यूज़















