भारत की तोपें मचाएगी धमाल, अमेरिका के साथ हुई धांसू डील!

केएसएसएल का एमएआरजी यानी कि माउंटेड आर्टिलरी गन सिस्टम एक अत्याधुनिक तोप प्रणाली है जिसे तेजी से कहीं भी ले जाया जा सकता है। यह सिस्टम हल्का है, मजबूत है और हर मौसम में काम करने वाला है। मुश्किल से मुश्किल इलाकों में भी ऑपरेट करने की क्षमता रखता है। आधुनिक युद्ध में जहां तेजी से लोकेशन बदलना और दुश्मन को अचानक निशाना बनाना बेहद जरूरी है।
भारत अब ना सिर्फ हथियार खरीदने वाला देश है बल्कि अब भारत उन हथियारों का निर्माण करने वाला देश है जिसे दुनिया भर की सेनाएं इस्तेमाल करेंगी। आने वाले समय में भारत ना सिर्फ अपनी सेना के लिए बल्कि दुनिया भर की सेनाओं के लिए अत्याधुनिक आर्टिलरी सिस्टम तैयार करने जा रहा है। दरअसल खबर सामने आई है कि भारतीय रक्षा कंपनी कल्याणी स्ट्रेटेजिक सिस्टम लिमिटेड यानी केएसएसएल और अमेरिका की मशहूर सैन्यवाहन निर्माता कंपनी एम जनरल ने एक बेहद रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है और इस समझौते के बाद दोनों ही कंपनियां मिलकर दुनिया भर की सेनाओं के लिए अगली पीढ़ी के माउंटेड आर्टिलरी सिस्टम को विकसित और उपलब्ध कराएंगी। यानी अगर आसान भाषा में कहें तो भारत में तैयार होंगे माउंटेड आर्टिलरी सिस्टम जिनका इस्तेमाल दुनिया भर की सेनाएं करेंगी। इस समझौते पर हस्ताक्षर किए गए फ्रांस की राजधानी पेरिस में आयोजित हुई दुनिया की सबसे बड़ी रक्षा प्रदर्शनियों में से एक यूरोसेट्री डिफेंस एक्सो के दौरान यह वही मंच है जहां दुनिया भर की प्रमुख रक्षा कंपनियां अपने नए और सैन्य तकनीक को पेश करती हैं और इसी कार्यक्रम के दौरान भारतीय कंपनी केएसएसएल और अमेरिकी एएम जनरल के बीच यह समझौता हुआ है।
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बता दें कि केएसएसएल का एमएआरजी यानी कि माउंटेड आर्टिलरी गन सिस्टम एक अत्याधुनिक तोप प्रणाली है जिसे तेजी से कहीं भी ले जाया जा सकता है। यह सिस्टम हल्का है, मजबूत है और हर मौसम में काम करने वाला है। मुश्किल से मुश्किल इलाकों में भी ऑपरेट करने की क्षमता रखता है। आधुनिक युद्ध में जहां तेजी से लोकेशन बदलना और दुश्मन को अचानक निशाना बनाना बेहद जरूरी है। वहां ऐसे सिस्टम की मांग लगातार बढ़ रही है। इस सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत है। इसकी 155 मि.मी. और 52 कैलिबर वाली तोप। यह 40 कि.मी. से ज्यादा दूरी तक गोले दाग सकती है। इसके अलावा इसमें 20 से अधिक गोले और प्रोपेलेंट चार्ज साथ ले जाने की क्षमता होती है। यानी युद्ध के मैदान में इसे बार-बार सप्लाई का इंतजार नहीं करना पड़ता है। लेकिन इसकी असली ताकत है इसकी पेटेंटेड सॉफ्ट रिकइल टेक्नोलॉजी। आमतौर पर जब भी कोई बड़ी तोप फायर करती है तो बहुत ज्यादा झटका लगता है जिससे वाहन और सिस्टम पर दबाव पड़ता है। लेकिन एमएआरजी का सॉफ्ट रिकइल सिस्टम इस झटके को बेहद कम कर देता है। इसका फायदा यह होता है कि वाहन हल्का बनाया जा सकता है। उसकी उम्र बढ़ जाती है और उसकी गतिशीलता भी बेहतर हो जाती है।
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इस साझेदारी का एक और बड़ा पहलू है अमेरिकी सेना का मोबाइल टैक्टिकल कैनन यानी कि एमटीसी प्रोग्राम। एएम जनरल ने अमेरिकी सरकार को प्रस्ताव दिया है जिसमें केएसएसएल की इसी तकनीक पर आधारित 155 मिलमीटर मोबाइल तोप प्रणाली विकसित करने की बात कही गई है। अगर यह प्रस्ताव चुना जाता है तो साल 2027 तक इसकी डिलीवरी शुरू हो जाएगी। वहीं बात करें इस समझौते पर भारत फ़ के वाइस चेयरमैन और जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर अमित कल्याणी ने क्या कहा तो उन्होंने बताया कि यह साझेदारी भारत की उन्नत आर्टिलरी क्षमता पर दुनिया के भरोसे को दिखाती है। वहीं अमेरिकी कंपनी एम जनरल के सीईओ जॉन चैडबोर्ड ने कहा कि दोनों कंपनियों का लक्ष्य अपने सहयोगी देश को आधुनिक युद्ध क्षेत्र के लिए आधुनिक और प्रभावी समाधान उपलब्ध कराना है। यह समझौता महज एक बिजनेस डील नहीं बल्कि भारत के रक्षा उद्योग के लिए बड़ी उपलब्धि है।
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