भाजपा ने कश्मीर के डीडीसी चुनाव के लिए उर्दू में जारी किया चुनाव घोषणा पत्र

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 29, 2020   16:31
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भाजपा ने कश्मीर के डीडीसी चुनाव के लिए उर्दू में जारी किया चुनाव घोषणा पत्र

भाजपा ने कश्मीर में जिला विकास परिषद (डीडीसी) चुनाव के लिए अपना चुनाव घोषणापत्र रविवार को उर्दू में जारी किया। पूर्व एमएलसी विभोद गुप्ता ने घाटी में पार्टी के वरिष्ठ नेता सोफी यूसुफ और दरखशां अब्दराबी की मौजूदगी में इस घोषणापत्र को जारी किया।

श्रीनगर। भाजपा ने कश्मीर में जिला विकास परिषद (डीडीसी) चुनाव के लिए अपना चुनाव घोषणापत्र रविवार को उर्दू में जारी किया। पूर्व एमएलसी विभोद गुप्ता ने घाटी में पार्टी के वरिष्ठ नेता सोफी यूसुफ और दरखशां अब्दराबी की मौजूदगी में इस घोषणापत्र को जारी किया। चुनाव घोषणा पत्र में दावा किया गया है कि भाजपा ने भूतपूर्व जम्मू कश्मीर राज्य को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 और 35ए को रद्द कर देश को एक किया तथा गुपकर घोषणापत्र गठबंधन (पीएजीडी) वोट बैंक की राजनीति के लिए राष्ट्र हित के खिलाफ काम कर रहा है। पीएजीडी में नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी समेत मुख्यधारा की कई राजनीतिक पार्टियां हैं।

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घोषणा पत्र में कहा गया है कि राज्य का पुनर्गठन करने के बाद, जम्मू-कश्मीर को विकास और शांति के पथ पर अग्रसर किया गया है। पार्टी ने दावा किया कि पत्थरबाजी खत्म हो गई है तथा आतंकवाद से सख्ती से निपटा जा सकता है। घोषणा पत्र में भाजपा ने केंद्र शासित प्रदेश के निवासियों के लिए 100 फीसदी सरकारी नौकरियां आरक्षित करने का श्रेय लेने का भी दावा किया। साथ में यह भी दावा किया कि उसने ऐसी नीति बनाई है जिससे औद्योगिकीकरण बढ़ेगा। पार्टी ने कहा कि उसने केंद्र शासित प्रदेश में भ्रष्टाचार और जमीन कब्जाने के खिलाफ युद्ध छेड़ दिया है।

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उसने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में बिजली, जलापूर्ति और सड़क नेटवर्क जैसी मूलभूत जरूरतें भी बेहतर हुई हैं। भाजपा ने एसआरओ-202 नीति को भी खत्म करने का श्रेय लिया है। यह नीति 2015 में पीडीपी-भाजपा सरकार लेकर आई थी जिसके तहत जम्मू कश्मीर में नए भर्ती किए गए सरकारी कर्मियों को पूर्ण वेतन देने से पहले कई साल तक कम पारिश्रमिक दिया जाता था। पहले डीडीसी चुनाव आठ चरणों में होंगे। इसके पहले चरण का मतदान शनिवार को हुआ। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बाद यह पहला चुनाव है।





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घने कोहरे के बीच कंटेनर से टकराई एंबुलेंस, पांच लोगों की मौत, मुख्यमंत्री ने जताया शोक

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 26, 2021   18:49
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घने कोहरे के बीच कंटेनर से टकराई एंबुलेंस, पांच लोगों की मौत, मुख्यमंत्री ने जताया शोक

पुलिस अधीक्षक राम बदन सिंह ने यहां बताया कि पश्चिम बंगाल के आसनसोल इलाके में नौकरी करने वाले विनीत सिंह नामक व्यक्ति की मौत हो जाने पर उसके घर के सदस्य शव को लेकर एंबुलेंस से चित्तौड़गढ़ जा रहे थे।

भदोही। भदोही जिले के गोपीगंज क्षेत्र में मंगलवार तड़के एक शव ले जा रही एंबुलेंस के घने कोहरे के बीच सड़क किनारे खड़े एक कंटेनर (मालवाहक वाहन) से जा टकराने से उसमें सवार पांच लोगों की मौत हो गई। पुलिस अधीक्षक राम बदन सिंह ने यहां बताया कि पश्चिम बंगाल के आसनसोल इलाके में नौकरी करने वाले विनीत सिंह नामक व्यक्ति की मौत हो जाने पर उसके घर के सदस्य शव को लेकर एंबुलेंस से चित्तौड़गढ़ जा रहे थे। तड़के लगभग पांच बजे गोपीगंज थाना क्षेत्र के अमवा गांव के पास एंबुलेंस घने कोहरे के बीच सड़क के किनारे खड़े एक कंटेनर से जा टकराई। 

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उन्होंने बताया कि इस हादसे में एंबुलेंस सवार चार परिजन और चालक समेत पांच लोगों की मौत हो गई। मृतकों में से एक की शिनाख्त राजवीर सिंह के रूप में हुई है। बाकी की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। सिंह ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं। लखनऊ में एक सरकारी बयान के अनुसार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद भदोही में सड़क दुर्घटना में लोगों की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है।





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गृह सचिव भल्ला ने दिल्ली में स्थिति की जानकारी गृहमंत्री शाह को दी, बैठक में कई अधिकारी हुए शामिल

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 26, 2021   18:34
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गृह सचिव भल्ला ने दिल्ली में स्थिति की जानकारी गृहमंत्री शाह को दी, बैठक में कई अधिकारी हुए शामिल

अधिकारी ने बताया कि गृह सचिव ने केन्द्रीय गृह मंत्री से मिलकर उन्हें राष्ट्रीय राजधानी के हालात और शांति बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी दी। बैठक में कुछ अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

नयी दिल्ली। केन्द्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने मंगलवार को दिल्ली में किसानों की ट्रैक्टर परेड से जुड़ी स्थिति की जानकारी गृह मंत्री अमित शाह को दी। गौरतलब है कि किसानों की ट्रैक्टर परेड आज कई जगहों पर हिंसक हो गयी जिसके कारण पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले दागने पड़े। किसानों का एक समूह आज लाल किला भी पहुंच गया जहां उन्होंने किले के गुंबदों पर झंडे फहराये। इसके बाद यह बैठक हुई है। 

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अधिकारी ने बताया कि गृह सचिव ने केन्द्रीय गृह मंत्री से मिलकर उन्हें राष्ट्रीय राजधानी के हालात और शांति बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी दी। बैठक में कुछ अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। 

इसे भी पढ़ें: सरकार ने दिल्ली-NCR में किसानों के प्रदर्शन वाले स्थानों पर इंटरनेट सेवाएं की बंद 

केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने दिल्ली के कई हिस्सों में इंटरनेट सेवा पर अस्थाई रोक लगा दी है। लाठी-डंडे, हाथों में तिरंगा और यूनियन का झंडा लिए हजारों की संख्या में किसानों ने ट्रैक्टरों पर सवार होकर अवरोधक तोड़े और विभिन्न रास्तों से दिल्ली में प्रवेश करने के बाद लाल किला पहुंच कर उस ध्वज स्तंभ पर झंडा फहराया जहां 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री तिरंगा फहराते हैं।





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संयुक्त किसान मोर्चा ने ट्रैक्टर रैली के दौरान हिंसा से खुद को किया अलग, कहा- कुछ असामाजिक तत्वों ने घुसपैठ की

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 26, 2021   17:53
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संयुक्त किसान मोर्चा ने ट्रैक्टर रैली के दौरान हिंसा से खुद को किया अलग, कहा- कुछ असामाजिक तत्वों ने घुसपैठ की

किसान संगठन ने एक बयान में कहा कि किसान गणतंत्र दिवस परेड में अभूतपूर्व भागीदारी के लिए हम किसानों को धन्यवाद देते हैं। हम अवांछनीय और अस्वीकार्य घटनाओं की निंदा करते और खेद भी जताते हैं जो आज हुई हैं और ऐसे कृत्यों में शामिल लोगों से खुद को अलग करते हैं।

नयी दिल्ली। किसान संघों के संगठन संयुक्त किसान मोर्चा ने ट्रैक्टर परेड के दौरान हिंसा में शामिल लोगों से मंगलवार को खुद को अलग कर लिया और आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्वों ने घुसपैठ कर ली है, अन्यथा आंदोलन शांतिपूर्ण था। संघ ने अवांछित और अस्वीकार्य घटनाओं की निंदा की है और खेद जताया है। कुछ किसान समूहों द्वारा पहले से तय रास्ता बदलने के बाद परेड हिंसक हो गई है। संयुक्त किसान मोर्चा में किसानों के 41 संघ हैं। वह दिल्ली की कई सीमाओं पर केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन की अगुवाई कर रहा है। 

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किसान संगठन ने एक बयान में कहा कि आज के किसान गणतंत्र दिवस परेड में अभूतपूर्व भागीदारी के लिए हम किसानों को धन्यवाद देते हैं। हम अवांछनीय और अस्वीकार्य घटनाओं की निंदा करते और खेद भी जताते हैं जो आज हुई हैं और ऐसे कृत्यों में शामिल लोगों से खुद को अलग करते हैं। बयान में कहा गया है, हमारे सभी प्रयासों के बावजूद, कुछ संगठनों और व्यक्तियों ने मार्ग का उल्लंघन किया और निंदनीय कृत्यों में शामिल हुए। असामाजिक तत्वों ने घुसपैठ की है, अन्यथा आंदोलन शांतिपूर्ण था। हमने हमेशा यह माना है कि शांति हमारी सबसे बड़ी ताकत है और किसी भी तरह का उल्लंघन आंदोलन को नुकसान पहुंचाएगा।

संयुक्त किसान मोर्चा का बयान ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय राजधानी के कई स्थानों पर किसानों और पुलिस के बीच झड़प हुई हैं। एक ट्रैक्टर के पलट जाने के बाद एक किसान की दिल्ली के आईटीओ पर मौत हो गई। पुलिस ने शहर के कई स्थानों पर किसानों को काबू करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे। बयान में कहा गया है, हम अपने आप को ऐसे सभी तत्वों से अलग करते हैं जिन्होंने हमारा अनुशासन तोड़ा है। हम परेड के मार्ग और नियमों पर चलने के लिए और किसी भी हिंसक कृत्य या ऐसी किसी भी चीज़ में लिप्त नहीं होने की सभी से दृढ़ता से अपील करते हैंजो राष्ट्रीय प्रतीकों और गरिमा को प्रभावित करती है। हम सभी से अपील करते हैं कि वे ऐसे किसी भी कृत्य से दूर रहें। 

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बयान में कहा गया है कि हम आज तय की गई कई परेडों के संबंध में सभी घटनाओं की पूरी जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं और जल्द ही पूरा बयान साझा करेंगे। हमारी सूचना के मुताबिक, कुछ खेदजनक उल्लंघनों के अलावा परेड योजना के अनुसार शांतिपूर्ण निकाली जा रही है। हाथों में डंडे, तिरंगा व किसान संघ के झंडे थामें हजारों किसानों ने ट्रैक्टरों पर सवार होकर बैरिकेड तोड़ दिए और कई स्थान पर पुलिस के साथ संघर्ष किया तथा लाल किले को घेर लिया एवं झंडे फहराने वाले खंभे पर चढ़ गए। अधिकतर पंजाब, हरियाणा व पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान 28 नवंबर से दिल्ली की अलग अलग सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मांग है कि तीन कृषि कानूनों को रद्द किया जाए और एमएसपी की कानूनी गारंटी दी जाए।





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