मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश इलाज की सर्वोत्‍तम व्यवस्था सुनिश्चित कर मृत्यु दर कम करें

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश इलाज की सर्वोत्‍तम व्यवस्था सुनिश्चित कर मृत्यु दर कम करें

अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य मोहम्मद सुलेमान ने बताया कि प्रदेश में एक्टिव प्रकरणों में कमी आई है। 29 मई की स्थिति में 192 कोरोना के नए संक्रमित मरीज मिले, वहीं 219 मरीज स्वस्थ होकर घर गए। प्रदेश में एक्टिव केसेज की संख्या 3042 है। प्रदेश की कोरोना रिकवरी रेट 56 प्रतिशत हो गई है, देश की रिकवरी रेट 42.8 प्रतिशत है।

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा है कि प्रदेश में कोरोना इलाज की सर्वोत्तम व्यवस्था सुनिश्चित कर मृत्यु दर को कम करना है। हमारे लिए हर जान कीमती है। इलाज में थोड़ी भी चूक बर्दाश्त नहीं होगी। मुख्यमंत्री चौहान ने आज वरिष्ठ अधिकारियों एवं चिकित्सकों के साथ एक-एक कोविड की हुई मौत की वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से एनालिसिस प्रारंभ किया। सर्वप्रथम मेडिकल कॉलेज इंदौर के डीन एवं चिकित्सा विशेषज्ञ के साथ कोविड-19 के कारण वहां हुई मृत्यु का विस्तृत विश्लेषण किया गया।

 

इसे भी पढ़ें: मध्य प्रदेश में विभिन्न राज्यों से श्रमिकों को लेकर 132 ट्रेन पहुँचीं, अभी भी प्रवासियों के लौटने का सिलसिला जारी

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, डीजीपी विवेक जौहरी, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य मोहम्मद सुलेमान, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा संजय शुक्ला, आयुक्त जनसंपर्क सुदाम पी.खाड़े आदि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में कहीं भी कम्युनिटी स्प्रैड की स्थिति न बने, इसके लिए सभी कलेक्टर्स गहन सर्वे, कान्टेक्ट ट्रेसिंग, टैस्टिंग के साथ ही संक्रमित क्षेत्रों में सख्ती से लॉकडाउन का पालन तथा अन्य सभी सावधानियां सुनिश्चित करें। एसीएस हैल्थ मोहम्मद सुलेमान ने बताया कि मध्य प्रदेश में कोरोना मृत्यु दर 4.3 प्रतिशत है, जबकि देश की मृत्यु दर 2.8 प्रतिशत है।

इसे भी पढ़ें: इंदौर में कोरोना संक्रमितों की संख्या 3,300 के पार, अबतक 126 मरीजों की मौत

रीवा जिले की समीक्षा में मुख्यमंत्री चौहान ने निर्देश दिए कि जिले में कोरोना से कोई मृत्यु न हो, इस बात का पूरा ध्यान रखा जाए। कलेक्टर ने बताया कि जिले में 35 कोरोना पॉजिटिव मरीज थे, जिनमें से 10 डिस्चार्ज हो गए हैं। एक्टिव मरीजों की संख्या 25 है। जिले में कोरोना से कोई मृत्यु नहीं हई है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रवासी मजदूरों से संक्रमण न फैले इस बात की पूरी सावधानी रखी जाए। उनका स्वास्थ्य परीक्षण तथा ठीक ढंग से क्वारेंटाइन की व्यवस्था सुनिश्चित करें। क्वारेंटाइन सेंटर्स पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं हों। वहां आयसोलेशन के साथ शुद्ध भोजन, स्वच्छ जल, पंखे तथा शौचालय की अच्छी व्यवस्था हो।

इसे भी पढ़ें: भोपाल में खेल गतिविधियां प्रारंभ करने के लिए खेल विभाग ने तैयार की गाइड लाइन

अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य मोहम्मद सुलेमान ने बताया कि प्रदेश में एक्टिव प्रकरणों में कमी आई है। 29 मई की स्थिति में 192 कोरोना के नए संक्रमित मरीज मिले, वहीं 219 मरीज स्वस्थ होकर घर गए। प्रदेश में एक्टिव केसेज की संख्या 3042 है। प्रदेश की कोरोना रिकवरी रेट 56 प्रतिशत हो गई है, देश की रिकवरी रेट 42.8 प्रतिशत है। शुक्रवार को भोपाल के हमीदिया अस्पताल से 28 मरीज स्वस्थ होकर घर गए हैं। एसीएस हैल्थ ने बताया कि उज्जैन का ट्रॉमा सेंटर कोविड अस्पताल के रूप में तैयार हो गया है। अमलतास अस्पताल देवास भी अनुबंधित कर लिया गया है। अब आर.डी.गार्डी अस्पताल की आवश्यकता नहीं है। बैठक में निर्णय लिया गया कि इंदौर, उज्जैन एवं भोपाल की कोरोना संबंधी व्यवस्थाओं पर 3 वरिष्ठ अधिकारी विशेष नजर रखेंगे। एसीएस हैल्थ मोहम्मद सुलेमान इंदौर की, प्रमुख सचिव फैज अहमद किदवई उज्जैन की तथा प्रमुख सचिव संजय शुक्ला भोपाल की व्यवस्थाओं पर विशेष नजर रखेंगे।

इसे भी पढ़ें: मुख्यमंत्री ने कहा फीवर क्लीनिक्स को आदर्श बनायें, प्रदेश में 1577 फीवर क्लीनिक्स कर रहे है काम

इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश में श्रेष्ठ उपार्जन कार्य के लिए सभी संबंधितों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 100 लाख मीट्रिक टन खरीदी के लक्ष्य से भी काफी अधिक 120 लाख 81 हजार मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन कर लिया गया है। खरीदी की सारी व्यवस्थाएं सुचारू हैं। यह सराहनीय है। उन्होंने कहा कि 31 मई के बाद भी यदि कुछ खरीदी केन्द्रों पर खरीदी की आवश्यकता हो तो उन्हें चालू रखा जाए। प्रत्येक पंजीकृत किसान का गेहूँ खरीदा जाएगा। एसीएस मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत अच्छे कार्य के लिए विश्व बैंक द्वारा मध्य प्रदेश को 223 करोड़ रूपए की इन्सेंटिव ग्रांट दी गई है। उन्होंने बताया कि श्रम सिद्धि अभियान के तहत 4 लाख 18 हजार श्रमिकों को कार्य दिया गया है। मनरेगा के कार्यों में 81 प्रतिशत कार्य जल ग्रहण संबंधी हैं। गत वर्ष इनका प्रतिशत 66 था।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।