Congress का CEC Gyanesh Kumar पर बड़ा हमला, Goa में ECINet सिस्टम से वोटर्स के नाम हटाने का आरोप

Goa
ANI
अभिनय आकाश । Sep 24 2026 1:17PM

गोवा में योग्य पाए गए 97 मतदाताओं को अंतिम वोटर लिस्ट में शामिल न किए जाने की रिपोर्ट पर विपक्ष ने चुनाव आयोग पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर प्रधानमंत्री के इशारे पर काम करने और चुनावी प्रक्रिया को दूषित करने का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग दोहराई है।

विपक्ष ने चुनाव आयोग पर फिर से हमले शुरू कर दिए। यह हमला एक रिपोर्ट के बाद हुआ जिसमें दावा किया गया था कि गोवा में ज़मीनी स्तर के अधिकारियों द्वारा योग्य पाए गए 97 मतदाताओं को 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' (SIR) के बाद भी अंतिम वोटर लिस्ट में शामिल नहीं किया गया। इस रिपोर्ट को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला करते हुए कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेंद्र कुमार ने प्रधानमंत्री के कहने पर पूरे सिस्टम पर कब्ज़ा कर लिया है और वे राष्ट्र-विरोधी काम कर रहे हैं। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि इससे साबित होता है कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह से कमज़ोर और दूषित हो गई है और उन्होंने कुमार के इस्तीफ़े की पार्टी की मांग को फिर से दोहराया। 'द इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि गोवा के 97 वोटर, जिन्हें स्थानीय इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन अधिकारियों (EROs) ने 2026 की फाइनल वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए योग्य पाया था, उन्हें लिस्ट में शामिल नहीं किया गया। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि चुनाव आयोग के सेंट्रलाइज़्ड ECINet सिस्टम (जिसे दिल्ली में उसका IT डिवीज़न कंट्रोल करता है) ने EROs को पहले लिए गए नाम हटाने के फैसलों को पलटने की इजाज़त नहीं दी।

इसे भी पढ़ें: BJP ने Bengal polls में खर्च किए ₹286.99 करोड़, पांच राज्यों में Congress के कुल व्यय से भी अधिक

गोवा के मुख्य चुनाव अधिकारी संजय गोयल ने सात दिनों में आठ ईमेल भेजकर इस फैसले को पलटने की सुविधा मांगी थी और आयोग के डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर ने IT डिवीज़न को सुधार करने का निर्देश भी दिया था, लेकिन आरोप है कि फाइनल लिस्ट पब्लिश होने से पहले यह सुविधा नहीं दी गई। हालांकि, CEO गोयल ने हटाए गए वोटरों के बारे में इंडिया टुडे टीवी के सवालों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और कहा कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा मुझे इस मामले की कोई जानकारी नहीं है। मैं अपनी रिपोर्ट देखूंगा और फिर बताऊंगा। यह घटनाक्रम एक और रिपोर्ट को लेकर मचे भारी विवाद के बीच सामने आया है, जिसमें कहा गया है कि दो चुनाव आयुक्तों ने CEO ज्ञानेश कुमार के फैसलों पर लगातार आपत्तियां जताई थीं, जिनमें SIR से जुड़े फैसले भी शामिल थे।

इसे भी पढ़ें: हिटलर समर्थक पार्टी जर्मनी में चुनाव जीतकर भी क्यों नहीं बना पाई सरकार? वजह चौंकाने वाला!


इस मामले पर प्रधानमंत्री पर सीधा हमला करते हुए कांग्रेस ने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी के चहेते ज्ञानेश कुमार लोकतंत्र का गला घोंट रहे हैं। पार्टी ने एक्स पर लिखा वोट देने के अधिकार के बारे में बड़ी-बड़ी बातें करने वाले ज्ञानेश कुमार ही वोटर्स के अधिकार छीन रहे हैं। नरेंद्र मोदी के कहने पर, ज्ञानेश कुमार ने पूरे सिस्टम पर कब्ज़ा कर लिया है और 'वोट चोरी' जैसे देश-विरोधी काम कर रहे हैं।

All the updates here:

अन्य न्यूज़