गैर कांग्रेसवाद की तर्ज पर अब गैर भाजपावाद का नारा बुलंद करने की जरुरत: शिवपाल

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 22, 2021   20:24
  • Like
गैर कांग्रेसवाद की तर्ज पर अब गैर भाजपावाद का नारा बुलंद करने की जरुरत: शिवपाल

शिवपाल ने बैठक में कहा कि लखनऊ में जल्द ही लोहिया भवन का निर्माण होगा जहां से लोहिया के प्रगतिशील समाजवादी साहित्य और विचारों का प्रकाशन एवं प्रसारण होगा। उन्होंने बताया कि इसके अलावा सामाजिक न्याय और समरसता पर कार्य करने वाले मेधावियों को लोहिया अवार्ड दिया जाएगा।

लखनऊ। वरिष्ठ समाजवादी नेता और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी-लोहिया के मुखिया शिवपाल सिंह यादव ने सोमवार को कहा कि लोहिया के गैर कांग्रेसवाद की तर्ज पर इस वक्त गैर भाजपावाद का नारा बुलंद करने की जरूरत है। शिवपाल ने समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव की अध्यक्षता में हुई लोहिया ट्रस्ट की बैठक में सत्तारूढ़ भाजपा पर गणतांत्रिक मूल्यों के हनन का आरोप लगाया। उन्होंने देश में सभी समान विचारधारा वाली पार्टियों को एकजुट कर भाजपा का विरोध करने की जरुरत बताते हुए कहा, ‘‘साठ के दशक में लोहिया के गैर-कांग्रेसवाद के नारे के तर्ज पर गैर भाजपावाद का नारा बुलंद करने की आवश्यकता है।’’

बैठक में समाजवादी पार्टी के संस्थापक और देश के पूर्व रक्षा मंत्री मुलायम सिंह यादव ने कहा, ‘‘लोहिया के विचारों से ही देश का भला होगा। उनके विचारों के प्रचार-प्रसार से लोक मन में राजनीतिक चेतना जगेगी। खेती-किसानी, बेरोजगारी और आर्थिक विषमता से जुड़ी समस्याओं का समाधान भी लोहिया के विचारों को जमीन पर उतारने से ही संभव होगा।’’ शिवपाल ने बैठक में कहा कि लखनऊ में जल्द ही लोहिया भवन का निर्माण होगा जहां से लोहिया के प्रगतिशील समाजवादी साहित्य और विचारों का प्रकाशन एवं प्रसारण होगा। उन्होंने बताया कि इसके अलावा सामाजिक न्याय और समरसता पर कार्य करने वाले मेधावियों को लोहिया अवार्ड दिया जाएगा।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के 11,141 नए मामले आए, 38 मौतें हुईं

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 8, 2021   09:06
  • Like
महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के 11,141 नए मामले आए, 38 मौतें हुईं

राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने यह जानकारी दी। राज्य में शुक्रवार और शनिवार को संक्रमण के क्रमशः 10,216 और 10,187 मामले सामने आए। विभाग ने कहा कि मुंबई शहर में दिन में 1,361 नए मामले आए। मुंबई में संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 3,35,569 तक पहुंच गए, जबकि मृतकों की संख्या बढ़कर 11,504 हो गई।

मुंबई। महाराष्ट्र में रविवार को संक्रमण के 11,141 नए मामले सामने आए, जिससे संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 22,19,727 हो गए, जबकि इस बीमारी से 38 लोगों की मौत होने से राज्य में मृतकों की संख्या 52,478 हो गई। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने यह जानकारी दी। राज्य में शुक्रवार और शनिवार को संक्रमण के क्रमशः 10,216 और 10,187 मामले सामने आए। विभाग ने कहा कि मुंबई शहर में दिन में 1,361 नए मामले आए। मुंबई में संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 3,35,569 तक पहुंच गए, जबकि मृतकों की संख्या बढ़कर 11,504 हो गई। 

इसे भी पढ़ें: उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस के 117 नये मामले, आठ लोगों की मौत

विभाग ने कहा कि महाराष्ट्र में दिन में 6,013 और लोगों को छुट्टी दे दी गई, जिससे राज्य में अब तक ठीक हो चुके लोगों की संख्या बढ़कर 20,68,044 हो गई। राज्य में कोविड मरीजों के ठीक होने की दर अब 93.17 प्रतिशत है और मृत्यु दर 2.36 प्रतिशत है। सूत्रों ने कहा कि राज्य में संक्रमण के मामलों की बढ़ती संख्या से निपटने के लिए विभिन्न पहलुओं पर चर्चा के लिए रविवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक हुई। उन्होंने कहा कि सरकार स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है। विभाग के अनुसार, महाराष्ट्र में अब तक 14,94,770 लोगों को कोविड-19 टीके लगाए जा चुके हैं।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस के 117 नये मामले, आठ लोगों की मौत

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 8, 2021   09:01
  • Like
उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस के 117 नये मामले, आठ लोगों की मौत

अपर मुख्‍य सचिव स्‍वास्‍थ्‍य अमित मोहन प्रसाद ने रविवार को पत्रकारों को बताया कि राज्य में कोरोना के अब तक 6,04,279 मामले सामने आए हैं जबकि 8,737 लोगों की मौत हो चुकी है।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस के पिछले 24 घंटे में 117 नये मामले आने के बाद अब तक प्रदेश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 6,04,279 हो गई जबकि आठ और लोगों की मौत के बाद प्रदेश में मरने वालों का आंकड़ा 8,737 पर पहुंच गया है।एक अधिकारी ने इसकीजानकारी दी। अपर मुख्‍य सचिव स्‍वास्‍थ्‍य अमित मोहन प्रसाद ने रविवार को पत्रकारों को बताया कि राज्य में कोरोना के अब तक 6,04,279 मामले सामने आए हैं जबकि 8,737 लोगों की मौत हो चुकी है। 

इसे भी पढ़ें: बढ़ते मामलों के बीच बोले स्वास्थ्य मंत्री, भारत में खात्मे की ओर बढ़ रही है कोविड-19 महामारी

उन्होंने बताया कि राज्‍य में अब 1647 संक्रमितों का इलाज चल रहा है, जिनमें से 707 पृथकवास में रहकर स्‍वास्‍थ्‍य लाभ ले रहे जबकि 82 मरीज निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं और बाकी मरीजों का सरकारी अस्पतालों में उपचार चल रहा है। उन्होंने कहा कि होली के त्योहार को ध्यान में रखते हुए बाहर से आने वालों, रंग-पिचकारी आदि बेचने वालों और दुकानों में काम करने वालों का 13 मार्च से 15 दिनों के लिये जांच अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य में कोविड-19टीकाकरण चल रहा है और अब तक 20 लाख से अधिक लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


उत्तर प्रदेश में अंग्रेजों की तरह कंपनी शासन थोपना चाहती है भाजपा: अखिलेश

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 8, 2021   08:57
  • Like
उत्तर प्रदेश में अंग्रेजों की तरह कंपनी शासन थोपना चाहती है भाजपा: अखिलेश

अखिलेश ने कहा कि भाजपा की किसानों के प्रति हठधर्मिता के चलते अब अतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी किसान आंदोलन की गूंज होने लगी है। कई देशों के समाजसेवियों ने भारत के किसान आंदोलन को अपना समर्थन दिया है। टाइम पत्रिका ने इस बार का अपना कवर पेज भारत की उन महिला किसानों को समर्पित किया है जो निर्भीकता के साथ आंदोलनरत हैं।

लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा सरकार की तुलना ब्रिटिश राज से करते हुए रविवार को कहा कि ईस्ट इंडिया कम्पनी के जरिये भारत को गुलाम बनाने वाले अंग्रेजों की तरह भाजपा भी देश में कम्पनी शासन थोपना चाहती है। अखिलेश ने यहां एक बयान में भाजपा पर किसानों के साथ छल करने का आरोप लगाते हुए कहा, किसान की आय दोगुनी होने की दूर-दूर तक सम्भावना नहीं है। सच तो यह है कि किसान की जो आमदनी थी, भाजपा के राज में वह भी खत्म हो गई। भाजपा कम्पनी शासन थोपना चाहती है, इसी तरह ईस्ट इण्डिया कम्पनी के जरिए अंग्रेजों ने भारत को गुलाम बनाया था। इसका जवाब जनता सन् 2022 (आगामी विधानसभा चुनाव) में देगी।

नये कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले कई महीनों से जारी किसानों के आंदोलन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, जब हजारों किसान कोई मांग उठा रहे हैं तो भाजपा सरकार को उसका समाधान करना चाहिए। मगर भाजपा सरकार ने तो किसानों की मर्जी के बगैर अपना कानून थोप दिया है। किसानों को आशंका है कि नए कृषि कानूनों से उनकी खेती छिन जाएगी और वह खेत का स्वामी न रहकर खेतिहर मजदूर बन जायेंगे। केन्द्र सरकार किसानों को सुरक्षा देने के मामले में आश्वस्त करने में विफल रही है। अखिलेश ने कहा कि भाजपा की किसानों के प्रति हठधर्मिता के चलते अब अतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी किसान आंदोलन की गूंज होने लगी है। कई देशों के समाजसेवियों ने भारत के किसान आंदोलन को अपना समर्थन दिया है। टाइम पत्रिका ने इस बार का अपना कवर पेज भारत की उन महिला किसानों को समर्पित किया है जो निर्भीकता के साथ आंदोलनरत हैं।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept