Jayaprakash Narayan की जयंती पर Yogi Adityanath और Akhilesh Yadav ने किया नमन

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लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सपा प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। योगी आदित्यनाथ ने आपातकाल के दौरान उनके संघर्ष को लोकतांत्रिक चेतना का स्वर बताया, जबकि अखिलेश यादव ने वर्तमान राजनीतिक माहौल को लेकर टिप्पणी की।

‘संपूर्ण क्रांति’ का नारा देने वाले समाजवादी नेता और ‘लोकनायक’ के नाम से प्रसिद्ध जयप्रकाश नारायण को रविवार को उनकी जयंती पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत विभिन्न नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘महान स्वतंत्रता सेनानी, भारतीय राजनीति के युगपुरुष, भारत रत्न , लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि।’’ योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आपातकाल के कठिन दौर में उनकी आवाज लोकतांत्रिक चेतना का सशक्त स्वर बनी। उन्होंने कहा, ‘‘उनका निर्भीक संघर्ष एवं त्यागमय जीवन हमें सत्ता से ऊपर संविधान, पद से ऊपर सिद्धांत और स्वयं से ऊपर राष्ट्रहित रखने की प्रेरणा देता है।’’ समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भाजपा राज में स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान करना किसी ‘दूसरे स्वतंत्रता आंदोलन’ लड़ने से कम नहीं है।

लोकनायक जयप्रकाश नारायण जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन!’’ उन्होंने कहा, ‘‘जिन भाजपाइयों के वैचारिक पूर्वजों ने देश के दुश्मनों के लिए मुख़बिरी की हो, वे स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान क्या करेंगे।’’ उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लोकनायक को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा, ‘‘महान स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक और लोकतंत्र की जबरदस्त वकालत करने वाले भारत रत्न जयप्रकाश नारायण जी को मैं कोटि कोटि नमन करता हूं।’’ मौर्य ने कहा कि सामाजिक एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं में समग्र बदलाव लाने के लिए नारायण ने संपूर्ण क्रांति का नेतृत्व किया तथा उनका संपूर्ण जीवन लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक न्याय और जनकल्याण के लिए समर्पित रहा। उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने भी जयप्रकाश नारायण को श्रद्धांजलि अर्पित की। कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई ने भी जयप्रकाश नारायण को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, ‘‘उनका लोकतंत्र की रक्षा, नागरिकों की स्वतंत्रता और जनसत्ता की सर्वोच्चता के लिए ऐतिहासिक संघर्ष हमेशा ही प्रेरणा का स्रोत रहेगा।’’ जयप्रकाश नारायण का जन्म 11 अक्टूबर 1902 को हुआ था और आठ अक्टूबर 1979 को उनका निधन हो गया था।

उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन का नेतृत्व किया था। उन्हें 1999 में मरणोपरांत देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया।

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