Unlock 5 के 56वें दिन स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, जांच बढ़ाने से संक्रमण दर में लगातार आ रही गिरावट

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 25, 2020   21:27
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Unlock 5 के 56वें दिन स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, जांच बढ़ाने से संक्रमण दर में लगातार आ रही गिरावट

कोरोना वायरस के नमूनों की जांच के लिए प्रयोगशाला भी बढ़ायी गयी। वर्तमान में 2138 प्रयोगशाला में जांच की जा रही है। इसमें 1167 सरकारी और 971 निजी प्रयोगशालाएं हैं। मंत्रालय ने कहा कि प्रति दस लाख आबादी पर जांच की संख्या विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा तय मानक से पांच गुणा ज्यादा हैं।

नयी दिल्ली। देश में कोविड-19 के लिए अब तक करीब 13.5 करोड़ नमूनों की जांच हो चुकी है और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि लगातार व्यापक जांच के कारण संक्रमण दर में गिरावट आयी है। मंत्रालय ने रेखांकित किया कि राष्ट्रीय स्तर पर संक्रमण दर में गिरावट आने से पता चलता है कि संक्रमण के प्रसार पर प्रभावी तरीके से रोक लगाने में मदद मिली है। कुल संक्रमण दर में लगातार गिरावट आ रही है और यह 6.84 प्रतिशत पर पहुंच गयी है जबकि दैनिक संक्रमण दर 3.83 प्रतिशत है। मंत्रालय ने कहा कि जनवरी के बाद से कोविड-19 नमूनों की जांच के लिए आधारभूत ढांचे को लगातार मजबूत किया गया और इस वजह से जांच की संख्या भी बढ़ती गयी। पिछले 24 घंटे में 11,59,032 नमूनों की जांच के साथ अब तक करीब 13.5 करोड़ (13.48,41,307) जांच हो चुकी हैं। कोरोना वायरस के नमूनों की जांच के लिए प्रयोगशाला भी बढ़ायी गयी। वर्तमान में 2138 प्रयोगशाला में जांच की जा रही है। इसमें 1167 सरकारी और 971 निजी प्रयोगशालाएं हैं। मंत्रालय ने कहा कि प्रति दस लाख आबादी पर जांच की संख्या विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा तय मानक से पांच गुणा ज्यादा हैं। देश में वर्तमान में 4,44,746 संक्रमित मरीज हैं जो कि कुल मामलों का 4.82 प्रतिशत है। उपचाराधीन मरीजों की संख्या कुल मामलों के हिसाब से लगातार पांच प्रतिशत से कम बनी हुई है। मंत्रालय ने कहा पिछले 24 घंटे के दौरान 37,816 मरीजों के ठीक हो जाने से अब तक कुल 86,42,771 लोग संक्रमण को मात दे चुके हैं। कोविड-19 के 44,376 नए मामलों में 76.51 प्रतिशत मामले 10 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश से आए। दिल्ली में सबसे ज्यादा 6224 मामले आए। इसके बाद महाराष्ट्र में 5439 और केरल में 5420 मामले आए। पिछले 24 घंटे में 481 और मरीजों की मौत हो गयी। इनमें से 74.22 मामले 10 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश के थे। दिल्ली में 109 और मरीजों की मौत हो गयी जबकि पश्चिम बंगाल में 49 और उत्तरप्रदेश में 33 मरीजों की मौत हो गयी।

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मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस से संक्रमण के 1773 नए मामले सामने आए , 14 और लोगों की मौत

मध्यप्रदेश में बुधवार को कोरोना वायरस से संक्रमण के 1,773 नए मामले सामने आए और इसके साथ ही प्रदेश में इस वायरस से अब तक संक्रमित पाये गये लोगों की कुल संख्या बढ़कर 1,98,284तक पहुंच गयी। राज्य में पिछले 24 घंटों में इस बीमारी से 14 और व्यक्तियों की मौत की पुष्टि हुई है जिससे मरने वालों की संख्या 3,197 हो गयी है। मध्यप्रदेश के एक स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया, ‘‘पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में कोरोना वायरस के संक्रमण से इंदौर में पांच, भोपाल एवं रायसेन में दो-दो और ग्वालियर, जबलपुर, सागर, उज्जैन एवं देवासमें एक-एक मरीज की मौत की पुष्टि हुई है।’’ उन्होंने बताया, ‘‘राज्य में अब तक कोरोना वायरस से सबसे अधिक 743 मौत इंदौर में हुई हैं, जबकि भोपाल में 510, उज्जैन में 100, सागर में 136, जबलपुर में 220 एवं ग्वालियर में 178 लोगों की मौत हुई हैं। बाकी मौतें अन्य जिलों में हुई हैं।’’

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महाराष्ट्र में संक्रमण के 6,159 नए मामले आए सामने, 65 लोगों की मौत

महाराष्ट्र में बुधवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 6,159 नए मामले सामने आने के बाद राज्य में संक्रमित लोगों की कुल संख्या बढ़कर 17,95,959 हो गई। राज्य स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि संक्रमण से 65 और लोगों की मौत हो जाने के बाद इस घातक बीमारी के कारण राज्य में अब तक मारे जा चुके लोगों की कुल संख्या बढ़कर 46,748 हो गई। उसने बताया कि बुधवार को 4,844 मरीजों को अस्पतालों से छुट्टी दी गई और राज्य में संक्रमणमुक्त हुए लोगों की कुल संख्या बढ़कर16,63,723 हो गई। राज्य में इस समय संक्रमण के 84,464 उपचाराधीन मामले हैं मुंबई में संक्रमण के 1,144 नए मामले सामने आने के बाद यहां अब तक संक्रमित हुए लोगों की संख्या बढ़कर 2,78,598 हो गई है। शहर में 17 और लोगों की मौत होने के बाद कुल मृतक संख्या 10,725 हो गई। राज्य में अब तक 1,04,56,962 नमूनों की जांच की जा चुकी है।

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अस्पताल में देर से भर्ती, आईसीयू बिस्तरों की कमी, बढ़ता प्रदूषण कोविड-19 मरीजों की मौत में वृद्धि के मुख्य कारण

विशेषज्ञों का कहना है कि कोविड-19 मरीजों को अस्पताल में देर से भर्ती करने के कारण उनकी हालत गंभीर होने, आईसीयू बिस्तरों की कमी, प्रतिकूल मौसम और बढ़ता प्रदूषण दिल्ली में कोरोना वायरस संबंधी मौत के मामलों में वृद्धि के मुख्य कारण हैं। राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 मरीजों की मृत्यु दर बढ़कर 1.89 प्रतिशत हो गई, जबकि राष्ट्रीय औसत 1.46 प्रतिशत है। महानगर में पिछले कुछ दिनों से कोरोना वायरस संक्रमण के अत्यधिक मामले सामने आ रहे हैं और बड़ी संख्या में मरीजों की इस बीमारी से जान जा रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि महामारी के पिछले चरण की तुलना में इस चरण में रोग की गंभीरता अधिक है, जिसके लिए प्रतिकूल मौसम और प्रदूषण सहित कई कारक जिम्मेदार हैं। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) में महामारी विज्ञान और संक्रामक रोग (ईसीडी) विभाग के प्रमुख डॉ. समीरन पांडा ने कहा कि घर में मरीजों के पृथक-वास में होने के दौरान दिशा-निर्देशों का पालन नहीं होना, बीमारी के अधिक लक्षण सामने आने और तबीयत बिगड़ने के बावजूद अस्पताल में देर से जाना मौत के बढ़ते मामले के प्रमुख कारणों में शामिल हैं। उन्होंने कहा, ‘‘जिन लोगों को कोविड-19 जांच में संक्रमित पाया जाता है और उन्हें घर पर पृथक-वास में रहने की सलाह दी जाती है, उन्हें अपने शरीर में ऑक्सीजन स्तर की लगातार निगरानी करते रहनी चाहिए तथा यदि और अधिक लक्षण सामने आते हैं और तबियत बिगड़ती है तो तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए और डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। जल्दी मदद मिलने से समय पर उपचार सुनिश्चित होगा।’’ राम मनोहर लोहिया अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक राणा ए के सिंह ने कहा कि मौसम में बदलाव और बढ़ता प्रदूषण समस्याओं को बढ़ा रहा है। डॉ. राणा ने जोर देकर कहा, ‘‘लोग इस मौसम में फ्लू, सर्दी और खांसी से अधिक पीड़ित होते हैं। श्वसन संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों की समस्या बढ़ जाती है। ऐसे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए, अगर समय पर मदद नहीं ली जाती है, तो इससे प्रतिकूल परिणाम होते हैं।’’ राष्ट्रीय राजधानी में आईसीयू बिस्तरों पर बढ़ते बोझ को देखते हुए, आरएमएल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक ने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने केंद्र सरकार द्वारा संचालित तीन अस्पतालों - सफदरजंग अस्पताल, आरएमएल अस्पताल और लेडी हार्डिंग अस्पताल को आईसीयू बिस्तरों की संख्या बढ़ाने को कहा है। उन्होंने कहा, ‘‘और हम ऐसा करने की कोशिश कर रहे हैं।’’ सर गंगा राम अस्पताल के बोर्ड अध्यक्ष डॉ. डी एस राणा ने कहा कि ऑक्सीजन का स्तर 90 प्रतिशत से नीचे आने और अपनी हालत गंभीर होने पर मरीज अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘कई अस्पतालों में आईसीयू भरे हुए हैं जिसके चलते एक रोगी जिसकी स्थिति पहले से ही खराब है, उसे लंबे समय तक वार्ड में इंतजार करना पड़ता है जिससे उसकी स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं और बढ़ जाती हैं।

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निषिद्ध क्षेत्रों के बाहर लॉकडाउन के लिए केंद्र की अनुमति जरूरी: गृह मंत्रालय का दिशा-निर्देश

कुछ क्षेत्रों में कोरोना वायरस के मामलों में वृद्धि के बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि राज्य और केंद्रशासित प्रदेश संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए रात्रिकालीन कर्फ्यू जैसी स्थानीय पाबंदियां लगा सकते हैं। हालांकि, निषिद्ध क्षेत्रों के बाहर किसी भी तरह का लॉकडाउन लगाने के पहले केंद्र से विचार-विमर्श करना होगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दिसंबर के लिए ‘निगरानी, रोकथाम और सावधानी’ दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा कि निर्देश का मुख्य लक्ष्य देश में कोविड-19 के खिलाफ मुकाबले में जो कामयाबी मिली है, उसे बनाए रखना है। रोकथाम रणनीति की बदौलत ही देश में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में लगातार गिरावट आ रही है। दिशा-निर्देश में कहा गया है कि कुछ राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में हाल ही में मामलों में बढ़ोतरी, त्योहार के मौसम और ठंड की शुरुआत को ध्यान में रखते हुए यह जोर दिया जाता है कि महामारी की रोकथाम के लिए सावधानी रखना बहुत जरूरी है और इसको लेकर निर्धारित रणनीति का कड़ाई से पालन करना होगा। मंत्रालय ने कहा कि रोकथाम की रणनीति में निगरानी, अन्य उपायों पर ध्यान होना चाहिए और गृह मंत्रालय तथा स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों एवं मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का कड़ाई से पालन करना चाहिए। मंत्रालय ने कहा, ‘‘राज्य और केंद्रशासित प्रदेश स्थिति के अपने आकलन के आधार पर कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए रात्रिकालीन कर्फ्यू जैसी स्थानीय पाबंदी लागू कर सकते हैं।’’ दिशा-निर्देश में कहा गया, ‘‘हालांकि, राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों की सरकारें केंद्र सरकार के साथ विचार-विमर्श किए बिना निषिद्ध क्षेत्रों के बाहर किसी भी प्रकार का स्थानीय लॉकडाउन (राज्य, जिला, उपसंभाग, शहर के स्तर पर) नहीं लागू करेंगी।’’ दिशा-निर्देश एक दिसंबर से 31 दिसंबर तक प्रभावी रहेगा। मंत्रालय ने कहा कि स्थानीय जिला, पुलिस और निगम प्राधिकार पर यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी होगी कि रोकथाम उपायों का कड़ाई से पालन कराया जाए। राज्य सरकारें इस संबंध में संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करेंगी। दिशा-निर्देश के मुताबिक निषिद्ध क्षेत्रों के बाहर कुछ गतिविधि को सशर्त अनुमति के अलावा सभी गतिविधियों की अनुमति दी गयी है। सिनेमा हॉल और थियेटरों को बैठने की 50 प्रतिशत क्षमता के साथ संचालन की अनुमति दी गयी है। सामाजिक, खेल, मनोरंजन, शैक्षणिक, सांस्कृतिक और धार्मिक जमावड़े की स्थिति में एक हॉल में अधिकतम 50 प्रतिशत क्षमता के साथ 200 लोगों तक की अनुमति होगी। खुले स्थान में मैदान के हिसाब से लोगों को अनुमति दी जाएगी। 

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दिल्ली में कोविड-19 से होने वाली मौतों की आंकड़ा कम करके बता रही है सरकार: नगर निगम

दिल्ली की भाजपा शासित तीनों नगर निगमों ने बुधवार को आरोप लगाया कि शहर की आम आदमी पार्टी की सरकार कोरोना वायरस संक्रमण से होने वाली मौतों की संख्या को कम करके बता रही है। हालांकि सरकार ने इस दावे को खारिज करते हुए नगर निगमों पर मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया। दिल्ली सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, शहर में 23 नवंबर तक कोविड-19 से 8,512 लोगों की मौत हुई है। वहीं नगर निगमों का दावा है कि उन्होंने अभी तक 10,318 लोगों का अंतिम संस्कार किया है। पूर्वी दिल्ली नगर निगम के मेयर निर्मल जैन ने कहा कि दिल्ली सरकार को स्पष्टीकरण देना चाहिए कि उसके द्वारा जारी आंकड़े नगर निगमों के आंकड़ों से कम कैसे हैं? जैन ने कहा, ‘‘कोविड-19 से मरने वालों या उससे हुई संदिग्ध मौतों के मामले में प्रत्येक अंतिम संस्कार का पूर्वी दिल्ली नगर निगम ने पूरा-पूरा हिसाब रखा है, ऐसे में हमारी संख्या में गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं है।’’ 

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दिल्ली में कोरोना वायरस के मामले बढ़ने के साथ अधिकारी सूक्ष्म निरूद्ध क्षेत्र बना रहे हैं

राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच कुछ जिलों के अधिकारी सूक्ष्म निरूद्ध क्षेत्र बना रहे हैं जहां दो या अधिक संक्रमण के मामले सामने आए हैं। अधिकारियों ने बुधवार को कहा कि महामारी के बेहतर प्रबंधन के लिए ऐसा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सामान्य तौर पर किसी क्षेत्र को तब निरूद्ध क्षेत्र घोषित किया जाता है जहां कोविड-19 के तीन या अधिक मामले सामने आते हैं। लेकिन यह ऐसा अभ्यास है जिसे जिले के अधिकारी जरूरत के आधार पर करते हैं। दिल्ली महामारी रोग कोविड-19 नियमन, 2020 में जिलाधिकारी को किसी क्षेत्र को सील करने, निरूद्ध क्षेत्र से आबादी के प्रवेश या निकासी को प्रतिबंधित करने और महामारी को फैलने से रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जारी किसी उपाय को लागू करने का अधिकार देता है। दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, दक्षिण पश्चिम और उत्तर पश्चिम जिलों में सूक्ष्म निरूद्ध क्षेत्र बनाये गये हैं, जबकि अन्य जिले भी बेहतर तरीके से वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए लचीला रूख अपना रहे हैं। दक्षिण पश्चिम जिले के जिलाधिकारी ने जिले में कोरोना वायरस फैलने को देखते हुए सूक्ष्म निरूद्ध क्षेत्र बनाने का आदेश रविवार को जारी किया। 

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उत्तराखंड में कोविड-19 के 482 नए मरीज सामने आए, 12 और संक्रमितों की मौत

उत्तराखंड में बुधवार को 482 और लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई जबकि 12 और मरीजों ने महामारी से दम तोड़ दिया। यहां प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, 482 नए मरीजों के मिलने के साथ ही प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या बढ़कर 72,642 हो गयी है। बुलेटिन के मुताबिक ताजा मामलों में सर्वाधिक 157 संक्रमित देहरादून जिले में मिले जबकि नैनीताल में 59, हरिद्वार में 50, पौड़ी में 47 और पिथौरागढ़ में 44 नए मरीज सामने आए। विभाग ने बताया कि बुधवार को प्रदेश में 12 और कोविड-19 मरीजों ने दम तोड़ दिया जिन्हें मिलाकर अबतक राज्य में 1,185 मरीज इस महामारी में अपनी जान गंवा चुके हैं। बुलेटिन के मुताबिक प्रदेश में बुधवार को 444 और मरीज उपचार के बाद स्वस्थ हो गए जिन्हें मिलाकर अब तक कुल 66,147 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं जबकि उपचाराधीन मरीजों की संख्या 4,658 है। बुलेटिन के मुताबिक प्रदेश से 652 संक्रमितों ने अबतक पलायन किया है।





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Unlock-5 का 113वां दिन: कोरोना के सक्रिय मामलों में गिरावट, अब तक 9,99,065 लोगों का हुआ टीकाकरण

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 21, 2021   20:36
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Unlock-5 का 113वां दिन: कोरोना के सक्रिय मामलों में गिरावट, अब तक 9,99,065 लोगों का हुआ टीकाकरण

मंत्रालय ने कहा कि अब तक, कुल 9,99,065 लोगों को कोविड-19 के टीके लगाए गए हैं। अब तक कुल 18,159 सत्र आयोजित किए गए हैं। बीमारी से ठीक होने वाले लोगों की संख्या बढ़ने और संक्रमण के नए मामलों में गिरावट आने से उपचाराधीन मरीजों की संख्या में कमी आई है।

नयी दिल्ली। देश में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 1,92,308 रह गई है, जो संक्रमण के कुल मामलों का 1.81 प्रतिशत है। देश के कुल उपचाराधीन मामलों में से 73 प्रतिशत मामले केरल, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल में हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को यह जानकारी दी। मंत्रालय ने कहा कि अब तक, कुल 9,99,065 लोगों को कोविड-19 के टीके लगाए गए हैं। अब तक कुल 18,159 सत्र आयोजित किए गए हैं। बीमारी से ठीक होने वाले लोगों की संख्या बढ़ने और संक्रमण के नए मामलों में गिरावट आने से उपचाराधीन मरीजों की संख्या में कमी आई है। एक दिन में कुल उपचाराधीन मामलों में 4,893 मामलों की गिरावट दर्ज की गई है।

मंत्रालय ने कहा, उपचाराधीन मामलों में लगातार गिरावट के राष्ट्रीय परिदृश्य में 17 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में प्रति दस लाख जनसंख्या पर ये मामले राष्ट्रीय औसत से भी कम है। भारत में प्रति दस लाख जनसंख्या पर 7,689 मामले हैं। देश के कुल इलाजरत मामलों में से 73 प्रतिशत मामले केरल, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल में हैं। मंत्रालय ने कहा कि 24 घंटे के अंतराल में कुल 19,965 लोग ठीक हुए हैं। देश में संक्रमण से ठीक हो चुके लोगों की कुल संख्या बढ़कर 1,02,65,706 हो गई है। ठीक होने वाले मरीजों में से 87.06 फीसदी 10 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के हैं। केरल में एक दिन में सबसे अधिक 7,364 मरीज ठीक हुए। महाराष्ट्र में 4,589 मरीज ठीक हुए। संक्रमण के नए मामलों में से 83 फीसदी मामले आठ राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में आए हैं। केरल में पिछले 24 घंटों में सबसे अधिक 6,815 नए मामले सामने आए। महाराष्ट्र में 3,015 नए मामले आए जबकि छत्तीसगढ़ में 594 नए मामले सामने आए हैं। 24 घंटे के अंतराल में देश में हुईं 151 मौतों में से 83.44 प्रतिशत मौतें आठ राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में हुई हैं। महाराष्ट्र में 59 मौतें हुईं। केरल में 18 और छत्तीसगढ़ में 10 लोगों की मौत हुई है।

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टीकाकरण: अगले चरण में 50 साल से ऊपर के जनप्रतिनिधियों को लग सकता है टीका

कोरोना वायरस के खिलाफ चल रहे टीकाकरण अभियान के दूसरे चरण में 50 साल से ऊपर के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को टीका लगाए जाने की संभावना है। टीकाकरण अभियान के पहले चरण में तीन करोड़ से अधिक स्वास्थ्यकर्मियों और अग्रिम मोर्चों पर तैनात कर्मियों को टीका लग रहा है। टीकाकरण के दूसरे चरण में 50 साल से ऊपर के जन प्रतिनिधियों को टीका लगाया जा सकता है। इस आयु वर्ग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उनके मंत्रिमंडल के ज्यादातर सदस्य, अधिकतर राज्यों के मुख्यमंत्री और विभिन्न दलों के प्रमुख नेता आते हैं। एक सरकारी सूत्र ने कहा कि शीर्ष नेताओं के टीकाकरण को लेकर कोई समयसीमा तय नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी ने टीकाकरण अभियान की शुरुआत से पहले मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत के दौरान कहा था कि नेता अभी प्रतीक्षा करें क्योंकि पहले चरण में स्वास्थ्यकर्मियों और अग्रिम मोर्चे पर तैनात कर्मियों को टीका लगना है। सरकार ने टीकाकरण अभियान को लेकर कोई समयसीमा नहीं दी है, हालांकि मोदी ने 11 जनवरी को कहा था कि अगले कुछ महीनों के भीतर 50 साल से अधिक उम्र के 30 करोड़ लोगों को टीका लग जाएगा। देश में कोरोना के खिलाफ टीकाकरण अभियान की शुरुआत गत 16 जनवरी को हुई थी।

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ओडिशा में कोरोना वायरस संक्रमण के 143 नये मामले

ओडिशा में बृहस्पतिवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 143 नये मामले सामने आये जिसके बाद प्रदेश में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 3,33,866 पर पहुंच गयी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने इसकी कजानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में संक्रमण से एक और व्यक्ति की मौत हो गयी जिसके बाद मरने वालों की संख्या 1,903 हो गयी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 30 में से 23 जिलों में नये मामलेसामने आये हैं। इनमें से 84 मामले विभिन्न पृथक-वास केंद्रों से आये हैं जबकि शेष मामलों का पता संपर्कों का पता लगाने के दौरान चला है। अधिकारी ने बताया कि कटक जिले में संक्रमण से एक व्यक्ति की मौत की सूचना है। अधिकारी ने बताया कि 53 अन्य कोरोना संक्रमितों की मौत अन्य बीमारियों के कारण हुयी है। उन्होंने बताया कि ओड़िशा में फिलहाल 1589 मरीज उपचाराधीन हैं जबकि प्रदेश में अब तक 3,30,321 मरीज संक्रमण मुक्त हुये हैं। प्रदेश में अब तक 74.77 लाख नमूनों की जांच की गयी है और संक्रमण दर 4.46 फीसदी है। स्वास्थ्य विभाग के निदेशक बिजय कुमार पाणिग्रही ने बताया कि बुधवार तक पिछले चार दिनों में प्रदेश में अब तक 68743 लोगों को टीका लगाया जा चुका है।

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आंध्र प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण से दूसरे दिन भी कोई मौत नहीं

आंध्र प्रदेश में बृहस्पतिवार को लगातार दूसरे दिन कोरोना वायरस संक्रमण से कोई मौत नहीं हुयी। पिछले 24 घंटे में प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण के 139 नये मामले सामने आये हैं जबकि 254 लोग संक्रमण मुक्त हुये हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बुलेटिन में इसकी जानकारी दी गयी है। प्रदेश में अब तककुल 1.27 करोड़ नमूनों की जांच की गयी है जिनमें से कुल 8,86,557 लोग संक्रमित पाये गये हैं। बुलेटिन में कहा गया है कि प्रदेश में अब भी 1522 मरीजों का उपचार चल रहा है और कुल 8,77,893 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं। बुलेटिन के अनुसार प्रदेश में 7,142 लोगों की मौत हो चुकी है।

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भारत ने बांग्लादेश, नेपाल को कोविड-19 के टीके की खेप भेजी

भारत ने सहायता अनुदान एवं पड़ोस प्रथम नीति के तहतबृहस्पतिवार को कोविड-19 के टीके की खेप बांग्लादेश और नेपाल को भेजी। इससे एक दिन पहले भूटान और मालदीव को कोविड टीके की खेप भेजी गई थी। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने टीके की खेप पहुंचने का चित्र ट्विटर पर साझा किया। जयशंकर ने ट्वीट किया, ‘‘ टीका मैत्री बांग्लादेश के साथ भारत के संबंधों की उच्च प्राथमिकता की पुष्टि करते हैं। ’’ उन्होंने कहा कि नेपाल को भारतीय टीका प्राप्त हुआ, पड़ोस प्रथम और लोक प्रथम को वरियता। कोविशिल्ड टीके की 20 लाख खुराक बांग्लादेश और 10 लाख खुराक नेपाल को भेजी गई है। बांग्लादेश में भारतीय उच्चायोग ने ट्वीट किया कि भारत के लोगों और सरकार की तरफ से बांग्लादेश के लोगों और सरकार को ‘मेड इन इंडिया’ कोविड-19 के टीके की 20 लाख खुराक सौंपी गई। भारतीय उच्चायुक्त वी दुरईस्वामी ने बांग्लादेश के विदेश मंत्री डा. ए के अब्दुल मोमिन और स्वास्थ्य मंत्री जाहिद मलिक को सौंपी। वहीं, नेपाल में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने ट्वीट किया, ‘‘ भारत की पड़ोस प्रथम नीति के अनुरूप आज प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओलीको भारतीय टीके की 10 लाख खुराक सौंपकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। हम मिलकर इस स्थित उबर जायेंगे। ’’ इससे पहले बुधवार को भारत ने सीरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया द्वारा उत्पादित कोविशील्ड टीके की 1,50,000 खुराक भूटान को जबकि 1,00,000 खुराक मालदीव को भेजी थी। जयशंकर ने कहा था, ‘‘टीका मैत्री प्रारंभ। भूटान पहुंची इसकी खेप। पड़ोस प्रथम नीति का एक और उदाहरण। ’’ 

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पुडुचेरी में कोविड-19 के 35 नए मामले, कुल मामले 38, 772 हुए

केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी में पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना वायरस संक्रमण के 35 नए मामले सामने आए, जिससे संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 38,772 हो गए। स्वास्थ्य विभाग के एक शीर्ष अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण निदेशक एस मोहन कुमार ने एक विज्ञप्ति में कहा कि चार क्षेत्रों-पुडुचेरी, कराईकल, माहे और यनम में बीमारी से कोई नई मौत नहीं हुई। उन्होंने बताया कि केंद्र शासित प्रदेश में मृतकों की संख्या 643 है। उन्होंने बताया कि 3,710 नमूनों की जांच के बाद 35 नए मामले सामने आए, जिससे कुल मामले बढ़कर 38,772 हो गए। स्वास्थ्य विभाग के निदेशक ने कहा कि पिछले 24 घंटों के दौरान अस्पतालों से 32 मरीजों को छुट्टी दी गई। केंद्र शासित प्रदेश में कोविड-19से मृत्यु दर 1.66 प्रतिशत और मरीजों के ठीक होने की दर 97.57 प्रतिशत है। मोहन कुमार ने कहा कि अब तक 5.46 लाख नमूनों की जांच हुई है। उन्होंने बताया कि केंद्र शासित प्रदेश में उपचाराधीन मरीजों की संख्या 299 है, जबकि 37,830 मरीज ठीक हो चुके हैं।

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जम्मू कश्मीर में कोरोना वायरस संक्रमण के 117 नये मामले सामने आये

जम्मू कश्मीर में कोरोना वायरस संक्रमण के कारण एक और मरीज की मौत हो गयी जिसके बाद प्रदेश में इससे मरने वालों की संख्या बढ़ कर 1,924 हो गयी है। अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि संघ शासित क्षेत्र में बृहस्पतिवार को संक्रमण के 117 नये मामले सामने आये जिसके बाद संक्रमितों की कुल संख्या 1,23,764 हो गयी है। उन्होंने बताया कि नये मामलों में से 42 जम्मू क्षेत्र में जबकि 75 कश्मीर क्षेत्र में मिले हैं। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में फिलहाल 1111 मरीजों का उपचार चल रहा है जबकि1,20,729 संक्रमित अब तक यहां संक्रमण मुक्त हुये हैं।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।




Unlock-5 का 112वां दिन: देश में उपचाराधीन मरीजों की संख्या घट कर दो लाख से नीचे आई

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 20, 2021   20:20
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Unlock-5 का 112वां दिन: देश में उपचाराधीन मरीजों की संख्या घट कर दो लाख से नीचे आई

सरकार ने कहा कि उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 1,637 रह गयी। उसमें कहा गया कि चित्तूर जिले में 46 और विशाखापत्तनम में 27 नए मामले सामने आए। शेष 11 जिलों में 20 से कम मामले सामने आए। राज्यभर में करीब 1.27 करोड़ नमूनों की जांच हो चुकी हैं।

नयी दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि देश में करीब सात महीने बाद कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या घट कर दो लाख के आंकड़े से नीचे आ गई है और यह कुल संक्रमितों का महज 1.86 प्रतिशत है। मंत्रालय ने कहा कि उपचाराधीन मरीजों में 72 प्रतिशत केरल, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल में हैं। वहीं, देश के 34 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में उपचाराधीन मरीजों की संख्या 10,000 से भी कम है। मंत्रालय ने कहा, ‘‘उपाचाराधीन मरीजों की कुल संख्या घट कर 1,97,201 रह गई है। 207 दिनों के बाद यह सबसे कम संख्या है।’’ मंत्रालय ने कहा कि कुल 16,988 लोग पिछले 24 घंटे में इस रोग से उबरे हैं। इससे कुल उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 3,327 की कमी आई है। मंत्रालय ने यह उल्लेख किया है कि भारत में कोविड-19 के मामलों में क्रमिक रूप से कमी आ रही है, जिसके चलते भी उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटी है।  

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मंत्रालय ने कहा, ‘‘वैश्विक स्तर पर, भारत उन कुछ देशों में शामिल है, जहां पिछले सात दिनों में प्रति 10 लाख की आबादी पर प्रतिदिन के नये मामले सबसे कम रहे हैं।’’ मंत्रालय ने कहा कि 20 जनवरी 2021 तक कुल 6,74,835 लाभार्थियों को कोविड-19 का टीका लगाया गया है। 24 घंटे की अवधि में 3,860 सत्रों के तहत 2,20,786 लोगों को टीका लगाया गया। अब तक कुल 11,720 सत्र आयोजित किये गये हैं।’’ देश में कोविड-19 के अब तक कुल 1.02 करोड़ मरीज ठीक हो चुके हैं। मंत्रालय ने कहा कि ठीक हो चुके मरीजों की संख्या और उपचाराधीन मरीजों की संख्या में अभी 10,048,540 का अंतर है। पिछले 24 घंटे में महाराष्ट्र में सर्वाधिक संख्या में मरीज ठीक हुए और उनकी संख्या 4,516 है। वहीं, केरल में 4,296 और कर्नाटक में 807 मरीज ठीक हुए। नये मामलों में 79 प्रतिशत से अधिक सात राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से हैं। केरल में प्रतिदिन के सर्वाधिक नये मामले सामने आये और यह संख्या 6,186 है। इसके बाद 2,294 नये मामलों के साथ महाराष्ट्र दूसरे नंबर पर है। कोरोना वायरस संक्रमण से प्रतिदिन मरने वाले लोगों की संख्या भी घटी है जो आज 162 रही। पिछले एक दिन में हुई मौतों में 71.6 प्रतिशत छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से हैं। मंत्रालय के अनुसार महाराष्ट्र में सर्वाधिक संख्या में लोगों की मौत हुई और यह संख्या 50 है। वहीं, केरल में 26 और पश्चिम बंगाल में 11 लोगों की मौत हुई।

बुधवार शाम छह बजे तक कुल 7.86 लाख स्वास्थ्यकर्मियों को लगा कोविड-19 का टीका

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि 16 जनवरी से देश में शुरू हुए कोविड-19 टीकाकरण अभियान के तहत आज शाम छह बजे तक कुल 7.86 लाख स्वस्थ्य कर्मियों का टीकाकरण हुआ है। प्रोविजनल रिपोर्ट के आधार पर मंत्रालय ने बताया कि बुधवार को देश के 20 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में शाम छह बजे तक 1,12,007 लोगों को टीका लगा है। मंत्रालय का कहना है कि वास्तविक आंकड़ा रात को एकत्र करने के बाद एक दिन की देरी से उपलब्ध होगा। स्वास्थ्य मंत्रालय में अवर सचिव मनोहर अगनानी ने बताया कि टीकाकरण के दुष्प्रभाव के 10 मामले आए हैं... दिल्ली में चार, कर्नाटक में दो जबकि उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, राजस्थान और पश्चिम बंगाल से एक-एक मामले आए हैं। इन सभी को अस्पताल में भर्ती करने की जरुरत पड़ी है। अगनानी ने कहा, ‘‘कोविड-19 टीकाकरण का अभी तक कोई गंभीर दुष्प्रभाव नहीं हुआ है। 

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नाक में दिए जाने वाला कोविड-19 टीका बच्चों को देने में आसान होगा: एम्स निदेशक

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक रणदीप गुलेरिया ने बुधवार को कहा कि नाक के जरिए दिए जाने वाले कोविड​​-19 टीके स्कूली बच्चों को देना आसान होगा जिनमें कोरोना वायरस संक्रमण ‘‘बहुत हल्का’’ होता है। प्रख्यात पल्मोनोलॉजिस्ट गुलेरिया ने यहां राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के 16वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान उनके कर्मियों के साथ बातचीत के दौरान यह बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हुए हैं, उन्हें भी ठीक होने के लगभग चार से छह हफ्ते बाद टीके लगाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा, यह (कोरोना वायरस संक्रमण) बच्चों में बहुत हल्का होता है लेकिन वह संक्रामक होतर है। उनसे बीमारी फैल सकती है। उन्होंने कहा, जो टीके आए हैं उन्हें बच्चों के लिए मंजूर नहीं की गई हैं क्योंकि बच्चों पर इसका कोई अध्ययन नहीं किया गया है लेकिन यह (टीकाकरण) एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम है और परीक्षण पूरा किया जा रहा है। दिल्ली स्थित एम्स के निदेशक ने कहा कि जब बच्चे नियमित रूप से स्कूल जाना शुरू कर देंगे और वे कोविड-19 से संक्रमित हो जाते हैं, तो उन्हें ज्यादा समस्या नहीं होगी, लेकिन अगर उनके साथ यह बीमारी घर पर आ जाती हैं, तो उनसे यह बीमारी उनके माता-पिता या दादा-दादी को फैल सकती है। 

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पुडुचेरी में कोविड-19 के 31 नए मामले सामने आए

पुडुचेरी में कोविड-19 के 31 नए मामले सामने आने के बाद बुधवार को केन्द्र शासित प्रदेश में संक्रमण के मामले बढ़कर 38,737 हो गए। अधिकारी ने बताया कि चारों संभागों पुडुचेरी, कराईकल, माहे और यानम में संक्रमण से मौत का कोई नया मामला सामने नहीं आया है। वायरस से यहां अब भी मृतक संख्या 643 ही है। उन्होंने बताया कि 3,679 नमूनों की जांच के बाद 31 नए मामले सामने आए। निदेशक एस. मोहन कुमार ने बताया कि पिछले 24 घंटे में 32 लोग संक्रमण मुक्त भी हुए। उन्होंने बताया कि राज्य में मरीजों के ठीक होने की दर 97.58 प्रतिशत और कोविड-19 से मृत्यु दर 1.66 प्रतिशत है। निदेशक ने बताया कि नए 31 मामलों में से पुडुचेरी में 24, कराईकल में दो और माहे में पांच नए मामले सामने आए। उन्होंने बताया कि यानम में संक्रमण का कोई नया मामला सामने नहीं आया। उन्होंने बताया कि केन्द्र शासित प्रदेश में अभी 296 लोगों का कोरोना वायरस संक्रमण का इलाज चल रहा है और 37,798 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं।

भारत ने भूटान, मालदीव को कोविड-19 के टीके की पहली खेप भेजी

भारत ने सहायता अनुदान के तहत पड़ोसी एवं सहयोगी देशों को कोविड-19 के टीके की आपूर्ति बुधवार को शुरू कर दी और इस श्रृंखला में भूटान और मालदीव को टीके की खेप भेजी गई। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने ट्वीट किया, ‘‘ भारत ने पड़ोसी एवं सहयोगी देशों को कोविड-19 के टीके की आपूर्ति शुरू कर दी। पहली खेप भूटान के लिये रवाना हो गई। ’’ प्रवक्ता ने ट्वीट के साथ चित्र भी साझा किया। उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘‘ मालदीव के लिये कोविड टीके की खेप रवाना हुई। ’’ गौरतलब है कि मंगलवार को विदेश मंत्रालय ने कहा था कि भारत सहायता अनुदान के तहत भूटान, मालदीव, बांग्लादेश, नेपाल, म्यांमा, सेशेल्स को कोविड-19 के टीके की आपूर्ति करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ट्वीट में कहा था कि भारत वैश्विक समुदाय की स्वास्थ्य सेवा जरूरतों को पूरा करने के लिये ‘भरोसेमंद’ सहयोगी बनकर काफी सम्मानित महसूस कर रहा है और बुधवार से टीकों की आपूर्ति शुरू होगी तथा आने वाले दिनों में और काफी कुछ होगा। गौरतलब है कि भारत दुनिया केबड़े टीका निर्माताओं में से एक है और कोरोना वायरस का टीका खरीदने के लिये काफी देशों ने सम्पर्क किया है। समझा जाता है कि पाकिस्तान को इसका फायदा नहीं मिलेगा क्योंकि अभी तक इस पड़ोसी देश ने भारत से सम्पर्क नहीं किया है। विदेश मंत्रालय ने कहा था कि घरेलू जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भारत आगामी हफ्ते, महीने में चरणबद्ध तरीके से सहयोगी देशों को कोविड-19 टीकों की आपूर्ति करेगा। भारत इस संबंध में श्रीलंका, अफगानिस्तान और मारिशस से टीके की आपूर्ति के लिये जरूरी नियामक मंजूरी की पुष्टि की प्रतीक्षा कर रहा है। गौरतलब है कि भारत ने देशभर में अग्रिम मोर्चे पर तैनात स्वास्थ कर्मियों को दो टीको कोविशिल्ड और कोवैक्सीन लगाने के लिये व्यापक टीकाकरण अभियान शुरू किया है। 

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अंडमान निकोबार द्वीप समूह में कोविड-19 का एक और नया मामला सामने आया

अंडमान निकोबार द्वीप समूह में कोरोना वायरस से एक और व्यक्ति के संक्रमित होने की पुष्टि होने के साथ इस केंद्र शासित प्रदेश में अब तक संक्रमित हुए लोगों की कुल संख्या बढ़ कर 4,989 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए लोगों की जांच के बाद यह नया मामला सामने आया। अधिकारी ने बताया कि 16 जनवरी को टीकाकरण अभियान शुरू होने के बाद से केंद्र शासित प्रदेश में कुल 645 लोगों को टीका लगाया जा चुका है। उन्होंने बताया कि अब तक कुल 4,897 लोग इस रोग से उबर चुके हैं। वहीं, कुल मृतक संख्या 62 है। केंद्र शासित प्रदेश में उपचाराधीन मरीजों की संख्या 30 है।

जम्मू-कश्मीर में संक्रमण के 109 नए मामले, पिछले 24 घंटों में एक भी व्यक्ति की मौत नहीं

जम्मू-कश्मीर में बुधवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 109 नए मामले आने के साथ ही केन्द्र शासित प्रदेश में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 1,23,647 हो गई है। अधिकारियों ने बताया कि पिछले 24 घंटों में संक्रमण से किसी की मौत नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि नए मामलों में जम्मू में 45, जबकि कश्मीर में 64 सामने आए हैं। अधिकारियों ने बताया कि चार जिलों गांदेरबल, कठुआ, किश्तवाड़ और रामबन में कोई नया मामला सामने नहीं आया है। वहीं, 14 अन्य जिलों में 10 से कम नए मामले आए हैं। केन्द्र शासित प्रदेश में फिलहाल 1,099 लोगों का कोविड-19 का इलाज चल रहा है, जबकि 1,20,625 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। अधिकारियों ने बताया कि पिछले 24 घंटों में संक्रमण से किसी की मौत नहीं हुई है। केंद्र शासित प्रदेश में अभी तक 1,923 लोगों की संक्रमण से मौत हुई है।

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महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमण के 3,015 नए मामले

महाराष्ट्र में बुधवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 3,015 नए मामले सामने आए तथा 59 और मरीजों की मौत हो गई। इसके साथ ही कुल मामले बढ़कर 19,97,992 हो गए और मृतकों की संख्या 50,582 पर पहुंच गई। स्वास्थ्य विभाग ने यह जानकारी दी। विभाग की ओर से जारी एक वक्तव्य में कहा गया कि दिन भर में 4,589 मरीज ठीक हो गए। राज्य में अब तक कोविड-19 के 18,99,428 मरीज ठीक हो चुके हैं। अभी 46,769 मरीज उपचाराधीन हैं।

आंध्र प्रदेश में कोविड-19 से कोई मौत नहीं, 173 नए मामले आए

आंध्र प्रदेश में बुधवार को कोविड-19 से कोई मौत नहीं हुई, जबकि संक्रमण के 173 नए मामले आए, तो वहीं 196 और लोग इस बीमारी से ठीक हुए। राज्य सरकार के नवीनतम बुलेटिन के अनुसार, राज्य में अब संक्रमण के कुल मामले 8,86,418 हो चुके हैं, जबकि 8,77,639 लोग ठीक हो चुके हैं और 7,142 मौतें हुई हैं। सरकार ने कहा कि उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 1,637 रह गयी। उसमें कहा गया कि चित्तूर जिले में 46 और विशाखापत्तनम में 27 नए मामले सामने आए। शेष 11 जिलों में 20 से कम मामले सामने आए। राज्यभर में करीब 1.27 करोड़ नमूनों की जांच हो चुकी हैं।





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Unlock-5 का 111वां दिन: स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा- टीकाकरण में प्रतिकूल असर के केवल 0.18 प्रतिशत मामले आए हैं

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 19, 2021   20:24
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Unlock-5 का 111वां दिन: स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा- टीकाकरण में प्रतिकूल असर के केवल 0.18 प्रतिशत मामले आए हैं

जम्मू-कश्मीर में बीते 24 घंटे में 113 और लोगों में कोरोना वायरस का संक्रमण पाया गया है। इसके बाद मंगलवार को इस केंद्रशासित प्रदेश में कुल मामले 1,23,538 पहुंच गए हैं।

नयी दिल्ली। सरकार ने मंगलवार को कहा कि कोविड-19 से बचाव के लिए टीका लेने वाले कुल लोगों में से 0.18 प्रतिशत में ही प्रतिकूल असर देखने को मिला, जबकि 0.002 प्रतिशत लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा जो कि बहुत निम्न स्तर है। नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वीके पॉल ने कहा कि टीकाकरण के बाद दुष्प्रभाव और गंभीर समस्या अब तक नहीं देखने को मिली है। प्रतिकूल असर के नगण्य मामले आए हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि दोनों टीके सुरक्षित हैं। पॉल ने कहा कि ‘‘यह निराशाजनक है कि कुछ डॉक्टर, नर्स और स्वास्थ्यकर्मी टीका लेने से इनकार कर रहे हैं’’ और उन्होंने लोगों से टीके की खुराक लेने का अनुरोध किया। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा, ‘‘उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक टीकाकरण के बाद प्रतिकूल असर (एईएफआई) के अब तक केवल 0.18 प्रतिशत मामले आए हैं और केवल 0.002 प्रतिशत लोगों को ही अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जो कि निम्न स्तर है। जहां तक हमें पता है पहले तीन दिनों में प्रतिकूल असर का यह सबसे कम मामला है।’’

उन्होंने कहा कि भारत में पहले दिन कोविड-19 टीकाकरण अभियान के तहत सबसे अधिक लोगों को टीके दिए गए। भूषण ने कहा कि पहले दिन भारत में 2,07,229 लोगों को टीके दिए गए जबकि अमेरिका में पहले दिन 79,458 लोगों का टीकाकरण हुआ। ब्रिटेन में पहले दिन 19,700 और फ्रांस में केवल 73 लोगों को टीके दिए गए। उन्होंने कहा, ‘‘सबसे महत्वपूर्ण बिंदु यहां यह है कि अगर हम पहले सप्ताह के आंकड़ों पर गौर करें तो अमेरिका में 5,56,208 लोगों का टीकाकरण हुआ जो कि हम तीन दिनों में ही पार कर गए। ब्रिटेन में पहले सात दिनों में 1,37,897 लोगों को टीके दिए गए, फ्रांस में पहले सप्ताह में 516 लोगों और रूस में 52,000 लोगों का टीकाकरण हुआ। इसलिए आप तुलना कर सकते हैं और हमने तो शुरुआत ही की है, जिसमें और रफ्तार आएगी।’’ पॉल ने कहा कि कोविड-19 से बचाव के लिए टीकाकरण के बाद दुष्प्रभाव और गंभीर समस्या अब तक नहीं देखने को मिली है। प्रतिकूल असर के नगण्य मामले आए हैं। आंकड़ों से पता चलता है कि ‘‘स्थिति बिल्कुल ठीक’’ है। उन्होंने कहा, ‘‘हम आपको फिर से आश्वस्त करना चाहेंगे कि ये दोनों टीके सुरक्षित हैं। ये दोनों टीके असरदार हैं।’’ भूषण ने कहा कि राजस्थान और उत्तरप्रदेश समेत नौ राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने 70 प्रतिशत से ज्यादा टीकाकरण किया है। उन्होंने कहा, ‘‘कोविड-19 टीकाकरण कवरेज में बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में लक्षद्वीप (89.3 प्रतिशत), सिक्किम (85.7 प्रतिशत), ओडिशा (82.6 प्रतिशत), तेलंगाना (81.1 प्रतिशत), उत्तरप्रदेश (71.4 प्रतिशत), राजस्थान (71.3 प्रतिशत) शामिल हैं।’’ उन्होंने कहा कि कोविड-19 के कुल उपचाराधीन मरीजों में 72 प्रतिशत केरल, महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल के हैं।

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अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में कोविड-19 के पांच नए मामले सामने आए

अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में कोविड-19 के पांच और नए मामले सामने आने के बाद कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 4,988 हो गई। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संक्रमितों के सम्पर्क में आए लोगों की पहचान करने के क्रम में ये नए मामले सामने आए। स्वास्थ्य विभाग के उप निदेशक और नोडल अधिकारी अविजित रॉय ने बताया कि 16 जनवरी को टीकाकरण अभियान शुरू होने के बाद अब तक 43 लोगों को टीके लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि उपचार के बाद संक्रमण से मुक्त हुए एक व्यक्ति को सोमवार को अस्पताल से छुट्टी दी गई। अब तक यहां 4,897 मरीज संक्रमण मुक्त हो चुके हैं और 29 मरीजों का उपचार चल रहा है। पिछले 24 घंटे में संक्रमण से किसी व्यक्ति की मौत नहीं हुई है और मृतकों की संख्या 62 बनी हुई है।


पुडुचेरी में कोविड-19 के 37 नए मामले, कुल संक्रमितों की संख्या 38,706 हुई

पुडुचेरी में मंगलवार को कोविड-19 के 37 नए मामले सामने आए, जिसके बाद संक्रमितों की संख्या बढ़कर 38,706 हो गई। केंद्रशासित प्रदेश के चार क्षेत्र पुडुचेरी, कराइकल, माहे और यनम में संक्रमण से किसी भी व्यक्ति की मौत नहीं हुई। पुडुचेरी में इस खतरनाक वायरस की वजह से मरने वालों की संख्या 643 बनी हुई है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के निदेशक एस. मोहन कुमार ने बताया कि 3,763 नमूनों की जांच के बाद पुडुचेरी में 23, कराइकल में चार, माहे में 10 मामले सामने आए हैं। वहीं पिछले 24 घंटे में 26 मरीजों को अस्पताल से छुट्टी मिली है। केंद्र शासित प्रदेश में संक्रमण से मृत्यु दर 1.66 फीसदी तथा स्वस्थ होने की दर 97.57 फीसदी है। यहां अभी 297 मरीजों का उपचार चल रहा है।

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लक्षद्वीप में कोविड-19 के मामले बढ़े

करीब एक साल पहले देश में महामारी का प्रकोप उभरने के बाद से अब तक इस घातक वायरस के हमले से अछूते रहे लक्षद्वीप में कोविड-19 मामलों की संख्या अब 14 हो गई है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि द्वीप में कोरोना वायरस का पहला मामला सामने आने के एक दिन बाद उसके प्राथमिक संपर्क में आए 13 लोगों को मंगलवार को वायरस से संक्रमित पाया गया। इससे इस द्वीप समूह में संक्रमण दर बढ़कर 42.4 प्रतिशत हो गई। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इंडिया रिजर्व बटालियन (आईआरबी) से संबंधित व्यक्ति तीन जनवरी को कोच्चि से जहाज से कावारत्ती के लिए रवाना हुआ था और चार जनवरी को द्वीप पर पहुंचा था। वह सोमवार को संक्रमित पाया गया। सूत्रों ने बताया कि उनके प्राथमिक संपर्क में आए 31 लोगों का पता लगाया गया और उनकी जांच की गई जिनमें से 13 संक्रमित निकले। उन्होंने बताया कि सभी संक्रमित लोग आईआरबी के हैं। 

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जम्मू कश्मीर में कोरोना वायरस के 113 नए मरीज आये सामने

जम्मू-कश्मीर में बीते 24 घंटे में 113 और लोगों में कोरोना वायरस का संक्रमण पाया गया है। इसके बाद मंगलवार को इस केंद्रशासित प्रदेश में कुल मामले 1,23,538 पहुंच गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि इस अवधि में एक संक्रमित की मौत हुई है। अब केंद्र शासित प्रदेश में मृतक संख्या अब 1923 हो गई है। उन्होंने बताया कि 53 नये मरीज जम्मू क्षेत्र के हैं जबकि कश्मीर क्षेत्र से 60 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। अधिकारियों ने बताया कि जम्मू में सबसे ज्यादा 40 नये मामले आए। श्रीनगर में और 37 लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई। उन्होंने बताया कि प्रदेश में उपचाररत मरीजों की संख्या 1103 है जबकि 1,20,512 मरीज संक्रमण मुक्त हो चुके हैं। इस अवधि में कश्मीर क्षेत्र में एक मरीज ने दम तोड़ा है।





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