मुंबई से 700 किमी दूर हैदराबाद में हो रही भाजपा की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक से पहले फडणवीस की चर्चा

Devendra Fadnavis
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मुंबई से करीब 700 किलोमीटर दूर हैदराबाद में हो रही इस बैठक में फडणवीस की चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि उन्होंने पहले घोषणा की थी कि वह एकनाथ शिंदे सरकार में शामिल नहीं होंगे, लेकिन बाद में उन्होंने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। वह भी पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर।

हैदराबाद। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक की औपचारिक शुरुआत वैसे तो शनिवार को होगी और उसमें पार्टी भविष्य की अपनी रणनीतियों को लेकर मंथन करेगी लेकिन उसके एक दिन पहले बैठक स्थल पर चर्चा के केंद्र में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस रहे। इन चर्चाओं को इसलिए भी बल मिला, क्योंकि फडणवीस आज मुंबई स्थित पार्टी के राज्य मुख्यालय परआयोजित जश्न में मौजूद नहीं थे। उद्धव ठाकरे नीत महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार के गिरने के बाद महाराष्ट्र में सत्ता में वापस आने का जश्न मनाने के उद्देश्य से दक्षिण मुंबई में स्थित पार्टी कार्यालय में कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।

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महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने फडणवीस की उपस्थिति पर चुटकी लेते हुए मराठी में एक ट्वीट किया कि मुंबई स्थित भाजपा कार्यालय में आज विवाह समारोह था, लेकिन दूल्हा ही गायब था। इसमें यह सवाल और जुड़ गया कि बैठक स्थल पर भाजपा शासित राज्यों के सभी मुख्यमंत्रियों के बड़े-बड़े पोस्टर तो लगाए गए हैं लेकिन पार्टी के किसी भी उपमुख्यमंत्री का पोस्टर नहीं था। आम तौर पर भाजपा कार्यसमिति की बैठकों में उपमुख्यमंत्रियों के भी पोस्टर लगाए जाते रहे हैं। महाराष्ट्र, बिहार और नगालैंड में भाजपा के उपमुख्यमंत्री हैं।

मुंबई से करीब 700 किलोमीटर दूर हैदराबाद में हो रही इस बैठक में फडणवीस की चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि उन्होंने पहले घोषणा की थी कि वह एकनाथ शिंदे सरकार में शामिल नहीं होंगे, लेकिन बाद में उन्होंने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। वह भी पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर। बैठक स्थल पर पहुंचे भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और महाराष्ट्र के प्रभारी सी टी रवि का सामना यहां जब पत्रकारों से हुआ तो उनपर फडणवीस को लेकर सवालों की बौछार हो गई। किसी ने पूछा कि उपमुख्यमंत्री बनाए जाने से क्या फडणवीस नाराज हैं तो किसी ने सवाल किया कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि जो फडणवीस घोषणा करते हैं कि वह शिंदे सरकार में शामिल नहीं होंगे वह चंद घंटों बाद उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ले लेते हैं और वह भी भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा के कहने पर?

सवाल यह भी उठा कि क्या फडणवीस राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में शामिल होंगे? रवि ने इन सवालों पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा, ‘‘हम सभी भाजपा के कार्यकर्ता हैं और पार्टी जो भी निर्देश देती है उसका पालन करते हैं...दबाव ऐसा ...प्रेम से अध्यक्ष जी (नड्डा) ने कहा...स्वाभाविक रूप से पार्टी के प्रति हर कार्यकर्ता निष्ठा रखता है। देवेंद्र जी भी निष्ठावान कार्यकर्ता हैं। पार्टी के निर्देश का पालन किया। छोटा, बड़ा सोचने वाले हम लोग नहीं हैं।’’ यह पूछे जाने पर कि क्या शिंदे सरकार शेष बचे ढाई साल तक चल पाएगी, रवि ने तपाक से सवाल किया, ‘‘आपके मन में कोई संशय है क्या? कार्यसमिति की बैठक में फडणवीस आएंगे या नहीं, इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वह इसमें शामिल नहीं हो सकेंगे क्योंकि वह विधानसभा सत्र में उपस्थित होंगे।

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महाराष्ट्र विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र तीन जुलाई से शुरू होगा। विधानसभा के अध्यक्ष पद के लिए चुनाव तीन जुलाई को होगा। पद के लिए नामांकन पत्र दो जुलाई को दोपहर 12 बजे तक स्वीकार किए जाएंगे। एकनाथ शिंदे के राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करने के तुरंत बाद उनकी अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि विधानसभा का विशेष सत्र दो और तीन जुलाई को आयोजित किया जाएगा। हालांकि, अब तिथियों को पुनर्निर्धारित किया गया है।

सत्र के दौरान विश्वास प्रस्ताव पर भी मतदान होने की संभावना है। यहां बैठक स्थल पर यूं तो भाजपा के सभी बड़े नेताओं और मुख्यमंत्रियों के पोस्टर लगाए गए हैं लेकिन फडणवीस सिर्फ एक ही पोस्टर में नजर आए जहां उनकी एक छोटी सी तस्वीर थी। इस पोस्टर में उन्हें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ ‘‘लीडर्स विद विजन फॉर टूमोरो’’ यानी दूरदृष्टि वाले भविष्य के नेता के रूप में पेश किया गया है।

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