Lucknow Fire: कोई Emergency Exit नहीं, 2016 में ही था इमारत गिराने का आदेश, रिहायशी भवन Commercial कैसे बना?
लखनऊ अग्निकांड में 15 मौतों के बाद प्रशासनिक लापरवाही उजागर हुई है; 2016 में अवैध निर्माण के लिए इमारत को गिराने का आदेश दो महीने में रद्द कर दिया गया था। जांच में सामने आया कि बिल्डिंग में कोई इमरजेंसी एग्जिट नहीं था और सिर्फ एक सीढ़ी थी, जबकि इसे आवासीय के बजाय व्यावसायिक रूप से इस्तेमाल किया जा रहा था। यह घटना सुरक्षा मानकों की अनदेखी और नियामक एजेंसियों की विफलता को दर्शाती है।



























































