बलूचिस्तान की शेरनी से क्यों डरी मुनीर की आर्मी? उम्रकैद की सजा का ऐलान होते ही पाकिस्तान में भड़की आग
बीवाईसी के नेता सिगुतुल्लाह शाह को भी दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। हालांकि इस फैसले ने पाकिस्तान ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों और बलूच समुदाय के बीच भी तीखी प्रतिक्रिया पैदा कर दी है। अब बीवाईसी और मेहरंग के समर्थकों का यह आरोप है कि यह मुकदमा राजनीतिक उद्देश्यों से प्रेरित था और इसका मकसद बलूच आंदोलन को कुचलना है। संगठन का यह कहना है कि अदालत ने कमजोर और संदिग्ध सबूतों के आधार पर यह फैसला दिया है और दूसरी तरफ पाकिस्तान सरकार और सुरक्षा एजेंसियां इसे कानून के शासन और आतंकवाद विरोधी कार्रवाई का हिस्सा बता रही है।



























































