राजनीतिक विमर्श का जरिया बनी झालमुढ़ी वालों के फिरेंगे दिन
विशेषकर बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में मुढ़ी या मुड़ी तैयार की जाती है। इसके लिए पहले धान को उबाला जाता है, फिर उसे सुखाकर जो चावल निकाला जाता है, उसे भूनने के बाद मुढ़ी या मुड़ी का रूप मिलता है। इस तरह से कह सकते हैं कि मुढ़ी या मुड़ी सेला चावल का भुना हुआ रूप है।



























































