गुमनाम पार्टी में क्यों शामिल हुए TMC के नामी सांसद? दलबदल विरोधी नारे वाला दल क्यों बना तृणमूल के बागियों का नया ठिकाना?
सबसे दिलचस्प बात यह है कि जिस एनसीपीआई में यह विलय हुआ है, उसका अब तक का राजनीतिक अस्तित्व लगभग नगण्य रहा है। 2023 के त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में इस दल ने चार उम्मीदवार उतारने की घोषणा की थी, लेकिन आखिरकार तीन सीटों पर ही चुनाव लड़ पाया।



























































