भारत विरोधी यूरोप का एक्शन, तभी रूस ने बंपर डिस्काउंट देकर पलट दी पूरी बाजी
ईयू की ओर से ऐलान हुआ कि वह भारत और अन्य देशों की उन 50 कंपनियों पर एक्सपोर्ट कंट्रोल का उपाय लागू करेगा जो रूस की सेना के साथ सीधे कारोबार करती है। यूरोपीय यूनियन के इस ऐलान का असर भारत और चीन के साथी किरगिस्तान, कजाकिस्तान, संयुक्त अरब अमीरात में स्थित कंपनियों पर पड़ेगा और इन पर निर्यात प्रतिबंध लगाए जाएंगे। ईयू ने यह फैसला रूस की युद्ध अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ाने के लिए किया है। लेकिन इससे सिर्फ रूस ही नहीं तमाम देश प्रभावित होंगे। इस लिस्ट में ड्रोन निर्माण से जुड़ी कंपनियां शामिल हैं।



























































