पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन है वैचारिक बदलाव का संकेत
पश्चिम बंगाल में भाजपा की सफलता को अनेक लोग डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनों से भी जोड़कर देख रहे हैं। डॉ. मुखर्जी केवल एक राजनेता नहीं थे, बल्कि भारतीय एकता और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के प्रबल समर्थक थे। उन्होंने विभाजनकारी राजनीति का विरोध किया और राष्ट्रीय एकात्मता को सर्वोपरि माना।



























































