43 साल बाद Norway में भारतीय पीएम, वैश्विक उथल-पुथल के बीच Modi की यह यात्रा क्यों है अहम?
प्रधानमंत्री मोदी की 43 साल बाद हो रही ऐतिहासिक नॉर्वे यात्रा का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देना है। इस दौरे का मुख्य केंद्र 'भारत-EFTA-TEPA समझौता' रहेगा, जिसके तहत भारत में 100 अरब डॉलर का निवेश और 10 लाख रोजगार सृजित करने का लक्ष्य है। यह यात्रा वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच व्यापार और तकनीक में सहयोग के नए अवसर खोलेगी।



























































