शिक्षा कोरी नियुक्ति ही नहीं, मुक्ति का माध्यम बने
महान दार्शनिक और शिक्षक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जीवन इस बात का उदाहरण है कि शिक्षक केवल पेशा नहीं, एक जीवन-दृष्टि हो सकता है। उन्होंने अपने जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाए जाने की इच्छा व्यक्त की थी। तभी से 5 सितंबर देश में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है।



























































