किताबों और खिलौनों की उम्र में हिंसा का पाठ क्यों पढ़ रहे हैं बच्चे?
यहां स्कूलों की जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। पंचकूला की घटना ने सीसीटीवी कैमरों की मौजूदगी और वास्तविक निगरानी के बीच के अंतर को उजागर किया है। कैमरे लगे होना सुरक्षा नहीं है, उनकी सतत निगरानी, समय पर हस्तक्षेप और जवाबदेही ही सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं।



























































