Kerala High Court की दो टूक: न्यायिक शक्ति अनुशासन से आती है, प्रभुत्व से नहीं
केरल उच्च न्यायालय ने कहा है कि किसी साथी न्यायाधीश के फैसले को पलटने का अधिकार उस पर कोई संस्थागत श्रेष्ठता नहीं देता। न्यायालय के अनुसार, सभी न्यायाधीशों का दर्जा समान होता है और न्यायिक शक्ति प्रभुत्व से नहीं बल्कि अनुशासन से आती है। खंडपीठ द्वारा एकल पीठ के फैसले को बदलने से वह उसके अधीन नहीं हो जाती।



























































